कौन है CRPF कमांडो भोला सिंह, जिसकी वजह से अनंत सिंह को हुई थी जेल?…

Ritu Raj

बिहार के अपराध जगत का चर्चित नाम भोला सिंह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। 12 साल पुराने अपहरण के एक मामले में CBI ने उसे गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है, जहाँ वह अपनी पहचान छिपाकर ‘गौतम’ और ‘अमित शर्मा’ के नाम से रह रहा था। 20 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय और कमांडो ट्रेनिंग प्राप्त भोला सिंह की गिरफ्तारी बिहार पुलिस और CBI के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

भोला सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। वह मूल रूप से पटना जिले के पंडारक का रहने वाला है। अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले वह CRPF का जवान था और उसने कमांडो की ट्रेनिंग भी ली थी। नौकरी छोड़ने के बाद वह एनटीपीसी (NTPC) में ठेकेदारी करने लगा और इसी दौरान वह मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के संपर्क में आया। एक समय था जब भोला सिंह को अनंत सिंह की ‘परछाई’ माना जाता था। लेकिन वक्त के साथ यह दोस्ती गहरी दुश्मनी में बदल गई। 2008 में विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या में भोला सिंह का नाम आया, उस वक्त वह अनंत सिंह का बेहद करीबी था। वहीं, साल 2010 में दोनों के बीच 2 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ, जिसने उन्हें एक-दूसरे का दुश्मन बना दिया। हालांकि, 2013 में अनंत सिंह के करीबी राजीव सिंह की हत्या हुई, जिसका आरोप भोला पर लगा। इसके बाद दोनों गुटों के बीच सीधा संघर्ष शुरू हो गया।

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बता दें कि 2019 में एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर अनंत सिंह को भोला सिंह और उसके भाई की हत्या की साजिश रचते सुना गया। इसी ऑडियो के आधार पर पुलिस ने अनंत सिंह के पैतृक आवास ‘नदवां’ में छापेमारी की, जहाँ से AK-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड बरामद होने का दावा किया गया। इस मामले में अनंत सिंह को 10 साल की सजा हुई और उनकी विधायकी चली गई। हालांकि, अगस्त 2024 में पटना हाई कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया। भोला सिंह पर हत्या, अपहरण और रंगदारी समेत 11 से अधिक मामले दर्ज हैं। उस पर पंडारक के मुखिया प्रियरंजन उर्फ गोरेलाल और पुलिसकर्मियों (ASI राजेश कुमार और लाल बहादुर) की हत्या के भी गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने उस पर और उसके भाई मुकेश सिंह पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। भोला लंबे समय से फरार था, जबकि उसके भाई ने सरेंडर कर दिया था।

समीकरणों में बदलाव?
हाल के दिनों में चर्चा थी कि अनंत सिंह और भोला सिंह के बीच की कड़वाहट कम हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले भोला के भाई मुकेश सिंह और अनंत सिंह की मुलाकात जेल में हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद जब अनंत सिंह ने रोड शो किया, तब मुकेश सिंह उनके साथ देखे गए, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि पुराने दुश्मन अब फिर से साथ आ गए हैं।

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