इंतज़ार खत्म! मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने ‘घर’ लौट रहे सम्राट चौधरी, मुंगेर को मिलने जा रहा है अब तक का सबसे बड़ा तोहफा!..

Ritu Raj

बिहार की राजनीति के लिए 26 अप्रैल की तारीख बेहद खास होने वाली है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार अपने गृह जिले मुंगेर के प्रवास पर आ रहे हैं। तारापुर विधानसभा के असरगंज (बैजलपुर) में आयोजित होने वाला यह दौरा न केवल प्रशासनिक है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा सियासी संदेश भी छिपा है। मुख्यमंत्री के इस ‘होम कमिंग’ को लेकर पूरे जिले में भारी उत्साह है और प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।

ढोल पहाड़ी: पर्यटन के नए युग का आगाज़;
इस दौरे का मुख्य केंद्र असरगंज की प्रसिद्ध ढोल पहाड़ी है। मुख्यमंत्री यहाँ बहुप्रतीक्षित इकोटूरिज्म परियोजना का शिलान्यास करेंगे। जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के अनुसार, यह प्रोजेक्ट मुंगेर को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर स्थापित करने के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।

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मुख्यमंत्री बैजलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनेंगे, जो केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय का संकेत है। तारापुर स्थित सिंचाई भवन में स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री यहाँ एक ‘जनता दरबार’ की तर्ज पर लोगों की समस्याएं सुन सकते हैं।

प्रशासनिक समीक्षा और ‘विज़न’ पर ज़ोर;
सिर्फ शिलान्यास ही नहीं, मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक भी करेंगे। इसमें जिले की कानून-व्यवस्था और लंबित विकास योजनाओं की बारीकी से जांच की जाएगी। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे विकास कार्यों की रिपोर्ट तैयार रखें।

सियासी मायने;
चूंकि मुख्यमंत्री बनने के बाद यह सम्राट चौधरी का अपने घर में पहला आधिकारिक दौरा है, इसे उनके राजनीतिक कद और प्रभाव के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। तारापुर और मुंगेर की जनता इस दौरे को विकास की नई उम्मीदों से जोड़कर देख रही है।

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