अध्यक्ष पद से हटाये जाने के बाद बोले अखिलेश, ‘राहुल जी की लाइन में मैं फिट नहीं था.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के बाद डॉक्टर  अखिलेश सिंह  ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों पर बेबाकी से जबाब दिया है.उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने  कांग्रेस को खड़ा करने का पूरा प्रयास किया.लेकिन लगता है कि राहुल जी के सोशल इक्वेशन में हम फिट नहीं बैठे. उन्होंने कहा कि नए प्रभारी दूसरे तरीके से काम कर रहे हैं.बिहार की स्थिति में हमने उनसे रोजा में यात्रा निकालने से मना किया था, लेकिन वे जल्दी में थे. हो सकता है ये सब बात उन्हें बुरी लगी हो. ऊपर क्या बात हुई, मुझे नहीं मालूम. राहुल जी और अल्लावरु जी को मैंने कह दिया था कि अगर हम आपके खाके में सेट नहीं बैठ रहे हो तो चेंज कर दीजिए.

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नये प्रभारी कृष्णा अल्लावारु से तालमेल नहीं बैठने को लेकर  उन्होंने कहा कि नहीं बनने वाली वाली जैसी कोई बात नहीं थी. एक बस यात्रा वाली बात पर मैंने मना किया था. 9 मार्च तक जिला अध्यक्षों की बैठक हुई थी. सिविल सोसाइटी और सीनियर लीडर्स की बैठक हुई. तब तक सबकुछ सामान्य था.मेरे मना करने के बाद भी 10 मार्च को यात्रा की घोषणा हुई. ये कोई इतनी बड़ी बात नहीं है. वे अपना नया अध्यक्ष बनाना चाहते होंगे. ये उनका अधिकार भी है.नये प्रदेश अध्यक्ष पर उन्होंने कहा कि राजेश राम पर आज मैं किसी तरह का कोई टीका टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं. चुनाव बाद पता चलेगा कि वे कितने सक्षम हैं. हो सकता है वे खुद को मुझसे बेहतर साबित करे. आलाकमान ने जब भरोसा किया है, तब अच्छा ही होगा.

लालू यादव के समर्थक होने की वजह से अध्यक्ष पद से हटाये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि  ये सच है कि हम लालू जी के साथ काम करते थे. इसे कोई झुठला नहीं सकता. लालू जी की पार्टी छोड़े मुझे 15 साल हो गया है. उस समय से हम कांग्रेस के लिए काम करते हैं.कांग्रेस पार्टी के इंट्रेस्ट को हम देखते थे. 2024 चुनाव के दौरान चर्चा थी कि राजद कांग्रेस को 4-5 सीट से ज्यादा नहीं देगा, हम 9 सीट पर चुनाव लड़े.लोकसभा में एक सीट से तीन सीट हुआ. 10 लाख 80 हजार वोट बढ़ाए. हर सीट पर ऐवरेज एक लाख से ज्यादा वोट शेयर बढ़ाए.

अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि दिसंबर 2022 में उनको अध्यक्ष बनाया गया. 5 जनवरी 2023 से उन्होंने  पदयात्रा शुरू की थी और 1000 किलोमीटर तक पैदल चले थे. उस समय के बाद एक्टिविटी बढ़ी. राहुल जी आधा दर्जन से ज्यादा बार बिहार आए. उनकी रैली हुई, यात्रा हुआ..सबकुछ AICC की मदद के बिना किए. अध्यक्ष को यात्रा का टिकट मिलता है, मैंने आज तक एक टिकट नहीं लिया. सब कुछ हम अपने रिसोर्सेज से करते थे. आगे भी करते रहेंगे. ऐसा नहीं है कि अध्यक्ष नहीं है तो नहीं करेंगे. हम पार्टी के सांसद हैं.

दो साल में कार्यसमिति का गठन नहीं करने पर उन्होंने कहा कि  कार्यसमिति की लिस्ट 7 महीने से पार्टी हेडक्वार्टर में पड़ी है. अध्यक्ष ने मेरी लिस्ट पर सहमति दे दी थी.लेकिन  वेणुगोपाल जी लिस्ट नहीं निकाल रहे थे. मैं उनसे भी 2-3 बार मिला. प्रखंड अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष का गठन किया, कार्यसमिति का गठन करना क्या था. वो भी कर दिए थे. लिस्ट नोटिफाई नहीं हुआ तो इसमें मेरी क्या गलती है.अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि  उन्होंने कहा कि उन्होंने  कभी कन्हैया कुमार को बिहार आने से नहीं रोका. हम नहीं चाहते थे कि रोजा में यात्रा हो, लेकिन जब तय हो गया तो पार्टी के अध्यक्ष के नाते हम यात्रा में शामिल हुए. कन्हैया से मेरा क्या, वो मेरे बच्चे जैसा है. आप कन्हैया से खुद पूछ लीजिए.

आगे कांग्रेस में अपनी भूमिका बताते हुए अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि जितना संभव हो सकेगा, हर संभव कांग्रेस को मजबूत करने का प्रयास करते रहेंगे. मेरी किसी से कोई शिकायत नहीं है. पार्टी आलाकमान निर्णय करता है, किया. हम उसका स्वागत करते हैं. नए प्रेसिडेंट की हरसंभव मदद और सहयोग करेंगे, ताकि पार्टी अच्छा करे.

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