सिटी पोस्ट लाइव : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कॉल यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक भारत छोड़ने के लिए निर्धारित समय सीमा से अधिक समय देश में न रहे. भारत ने गुरुवार को पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा 27 अप्रैल के प्रभाव से रद्द करने की घोषणा कर दी है. यही नहीं पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द घर लौटने की सलाह दी गई है.
मंगलवार को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे.लेकिन बिहार के मुजफ्फरपुर में वीजा पर शादी कर पति और बच्चों के साथ रहने वाली दो पाकिस्तानी नागरिक फराह जहां और वजिहा हयाज के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं, मगर फराह के स्वजन साफ कह रहे वह भारत नहीं छोड़ेगी. ब्रह्मपुरा थाने के मेहंदी हसन चौक निवासी यूसुफ हन्फी ने फराह से वर्ष 1990 में निकाह किया था.तब से वह दीर्घकालीन वीजा पर भारत में ही रह रही है. इस बीच कई बार वीजा का नवीकरण भी नहीं हुआ. 28 फरवरी 2030 तक वैध पाकिस्तानी पासपोर्ट के आधार पर उसे वीजा मिला था. वीजा अवधि इस वर्ष दो दिसंबर तक है. फराह ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन दिया है, मगर उसे अब तक नहीं मिली है.
फराह की भारतीय नागरिकता को लेकर एसएसपी कार्यालय ने भी डीएम को रिपोर्ट पिछले दिनों भेजी है. इस पर अभी निर्णय लिया जाना है.इसके अलावा, काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माड़ीपुर में रहने वाली वजिहा हयाज का मामला भी फराह जैसा ही है. उसने वर्ष 2012 में तनवीर से निकाह किया है. उसे भी दीर्घकालीन वीजा मिला है.इस वर्ष नवंबर तक इसकी अवधि है. तनवीर कहा, निकाह के बाद से वह भारत की हो गई है. अब तीन बच्चे हैं, जो भारतीय हैं