एकता की आंच पर पक रही महागठबंधन की खिचड़ी, बढ़ सकती है NDA की चुनौती.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव :इसबार तेजस्वी यादव चुनाव में किसी तरह की भूल करने को तैयार नहीं हैं.महागठबंधन अपनी दो  बड़ी कमजोरियों को दुरुस्त करने में जुटी है.पहला जंगल राज के परसेप्शन से मुक्ति और  दूसरी महागठबंधन की एकता. महागठबंधन की एकता का सार्वजनिक मंच पर प्रदर्शन लगातार दिखाई दे रहा है. सबसे बड़ी बात धीरे धीरे आरजेडी- कांग्रेस के बीच सकारात्मक पहल दिखाई दे रही है.महागठबंधन के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो सकता है.समन्वय समिति में सबों की भागीदारी सुनिश्चित कर एक कंबाइंड एफर्ट की पहल कर दी गई है.


इस समन्वय समिति में राजद से तेजस्वी यादव, अब्दुल बारी सिद्धिकी, संजय यादव, आलोक मेहता और रणविजय साहू हैं तो कांग्रेस से कृष्णा अल्लावारु, राजेश राम, डॉ. शकील अहमद खान और डॉ. मदन मोहन झा हैं. भाकपा माले से कुणाल, धीरेन्द्र झा और राजाराम सिंह हैं. वीआईपी से मुकेश सहनी बाल गोविंद बिंद और पप्पू चौहान हैं. सीपीएम से ललन चौधरी, अजय कुमार और अवधेश कुमार सीपीआई से रामबाबू कुमार, राम नरेश पांडेय और अजय कुमार सिंह इस समन्वय समिति के बतौर सदस्य शामिल हैं.

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गुरुवार की बैठक में यह भी तय हुआ कि समन्वय समिति तीन उप समिति गठित करेगी, जिनमें महागठबंधन के सभी साथी दल की सहभागिता निर्धारित की जाएगी. चुनावी अभियान समिति की गठन की जाएगी. यह समिति सभी साथी दलों की सहभागिता किसी भी चुनावी अभियान के लिए तय करेगी.सबसे ख़ास बात चुनावी घोषणा पत्र समिति का भी शीघ्र गठन होगा. यह चुनावी घोषणा पत्र समिति सभी साथी दल मिलकर तैयार करेंगे. एक कॉमन घोषणा पत्र इसबार महागठबंधन का होगा.मीडिया और इंटरनेट मीडिया समिति का गठन भी किया जाएगा. इसके सदस्यों का चयन भी जल्द ही होगा. उम्मीद यह है कि चार मई को समन्वय समिति की अगली बैठक में तीन उप समिति पूरी तरह से तैयार हो जाएगी.

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