कोचिंग संचालकों और विरोधी दलों के नेताओं पर BPSC छात्रों को उकसाने का आरोप.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की पीटी परीक्षा दुबारा कराये जाने की मांग पटना हाईकोर्ट द्वारा खारिज किये जाने के बाद कोचिंग संचालक सत्ताधारी दल के निशाने पर आ गये हैं. जेडीयू ने  कुछ नेताओं और कोचिंग संचालकों पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार  ने कुछ कोचिंग संचालकों और विरोधी दलों के नेताओं पर बीपीएससी की पीटी परीक्षा की आड़ में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है.

 मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा और मनीष यादव ने कहा कि छात्रों को उकसाकर कुछ राजनेताओं और निहित स्वार्थी तत्वों ने उन्हें जबरन आंदोलन में धकेल दिया था.बीपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं और सीट बेचने के झूठे और अनर्गल आरोप लगाए गए. आंदोलन के क्रमवार घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए पार्टी प्रवक्ताओं ने इसे छात्रों के खिलाफ गंभीर साजिश करार दिया. कोर्ट ने परीक्षा रद करने लिए दायर सभी याचिकाओं को अस्वीकार कर दिया है.

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नीरज कुमार ने  कहा कि इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कोचिंग संचालकों ने परीक्षार्थियों को भड़काया गया. उन्हें आन्दोलन के लिए प्रेरित किया. हाई कोर्ट ने इस प्रवृति को गैर-जिम्मेदाराना बताया.हाई कोर्ट ने इस पर चिंता जताई कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव के कारण कोचिंग संस्थानों की जरुरत बढ़ी है. जदयू प्रवक्ताओं ने कहा कि कोचिंग संचालकों ने लाभ कमाने के उद्देश्य से आन्दोलन का समर्थन किया.गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट में 70वीं बीपीएससी प्रारंभिक पीटी परीक्षा को रद करने से जुड़ी याचिकाओं पर शुक्रवार को फैसला आया. कोर्ट ने इससे जुड़ी याचिकाओं को खारिज कर दिया.

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