सिटी पोस्ट लाइव :बिहार विधान सभा चुनाव से पहले एलजेपी में एक बड़ा भूचाल आ गया है. मनीष कुमार उर्फ नाटा सिंह को खगड़िया जिले का जिलाध्यक्ष नियुक्त किये जाने के बाद पार्टी में बवाल मच गया है.इसके विरोध में पूर्व जिलाध्यक्ष शिवराज यादव समेत 38 नेताओं ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. नेताओं ने खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया और कहा कि उनके अमर्यादित व्यवहार के कारण यह निर्णय लिया गया.मनीष कुमार उर्फ नाटा सिंह को खगड़िया जिले का जिलाध्यक्ष नियुक्त करने के विरोध में बलुआही में एक बैठक आयोजित की गई. इसके बाद लोजपा (रामविलास) के 38 नेताओं ने सामूहिक रूप से पद से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने वालों में पूर्व जिलाध्यक्ष शिवराज यादव, प्रदेश महासचिव रतन पासवान, युवा जिलाध्यक्ष सुजीत पासवान सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं.
शिवराज यादव ने बताया कि सभी सात प्रखंड अध्यक्षों ने भी इस्तीफा दिया है. इस संबंध में एक खुला पत्र भी जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि खगड़िया सांसद राजेश वर्मा के व्यवहार से पार्टी के सभी सदस्य आहत हैं. सांसद की अमर्यादित भाषा के कारण सामूहिक इस्तीफे का निर्णय लिया गया.यादव ने कहा कि सांसद कार्यकर्ताओं का अपमान करते हैं. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को एक खुला पत्र भेजा जा रहा है, जिसमें स्थिति की जानकारी दी जाएगी.प्रदेश महासचिव रतन पासवान ने कहा कि सामूहिक इस्तीफे का मुख्य कारण खगड़िया सांसद और उनके प्रतिनिधि द्वारा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ किया गया अभद्र व्यवहार है. सांसद के इशारे पर ही पार्टी के तीन पुराने अधिकारियों पर कार्रवाई कराते हुए शो-काज मांगा गया.
खगड़िया में ही पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ गलत व्यवहार हो रहा है. नेताओं ने नव मनोनीत जिलाध्यक्ष मनीष कुमार उर्फ नाटा सिंह पर भी सवाल उठाए हैं.खगड़िया सांसद के मुख्य प्रतिनिधि डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि मनीष कुमार को जिलाध्यक्ष बनाने का निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का है और कुछ लोग स्वार्थ की राजनीति कर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं.