बिहार चुनाव 2025 में करारी हार पर तेजस्वी यादव ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘लोकतंत्र हारा है, मशीनरी जीती है’

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मिली करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। पार्टी की अप्रत्याशित हार के बाद पहली बार तेजस्वी यादव ने देश के जाने-माने अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल को दिए एक विशेष इंटरव्यू में खुलकर अपनी बात रखी है। तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बड़ी जीत वास्तव में “लोकतंत्र की नहीं, बल्कि मशीनरी की जीत” है।

’75 सीटों से 25 पर सिमटना किसी को नहीं पच रहा’
इंटरव्यू के दौरान, कपिल सिब्बल ने तेजस्वी यादव से सीधा सवाल किया कि 2020 के चुनाव में जब आप चेहरा थे, तब आरजेडी को 75 सीटें मिली थीं और पार्टी सबसे बड़ी बनकर उभरी थी। लेकिन 2025 में ऐसा क्या हुआ कि पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई?

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इस सवाल के जवाब में तेजस्वी यादव ने कहा कि यह हार किसी को भी ‘डाइजेस्ट’ (पच) नहीं हो रही है। उन्होंने यहाँ तक दावा किया कि यदि आप इस हार या एनडीए की प्रचंड जीत के बारे में भाजपा और जदयू के विधायकों से भी पूछेंगे, तो उन्हें भी इस अप्रत्याशित जीत का अंदाजा नहीं होगा। उन्होंने अपनी हार को अप्रत्याशित बताया है।

लोकतंत्र हारा, मशीनरी जीती
जब कपिल सिब्बल ने तेजस्वी से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी हार आपको कैसे मिली? इस पर तेजस्वी ने दृढ़ता से कहा, “लोकतंत्र हारा है, मशीनरी जीती है।” आरजेडी के लिए यह प्रदर्शन 2010 के बाद सबसे खराब रहा है, जब पार्टी को महज 22 सीटें मिली थीं। 2025 के चुनाव में आरजेडी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन उसे सिर्फ 25 सीटों पर ही सफलता मिली, जबकि पूरे महागठबंधन का आंकड़ा 35 सीटों पर सिमट गया।

वोट खरीदने के गंभीर आरोप
हार की समीक्षा के बीच तेजस्वी यादव ने इंटरव्यू में हार का कारण ‘वोट खरीदना’ भी बताया। जब सिब्बल ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000 रुपये दिए जाने का जिक्र किया, तो तेजस्वी यादव ने इसे चुनाव के बीच में दी गई रिश्वत करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बीच में न केवल महिलाओं को, बल्कि किसानों को भी पैसे ट्रांसफर किए गए। उनके अनुसार, चुनाव के बीच में कैश स्कीमों के तहत ऐसा करना सीधे-सीधे रिश्वत देने जैसा है और यही आरजेडी और महागठबंधन की हार की एक बड़ी वजह रही।

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में 10,000 रुपये दिए जाने, अन्य कैश स्कीमों और सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का विस्तार से जिक्र किया। उनका कहना है कि जिस तरह से एनडीए ने यह चुनाव जीता है, वह विश्वास करने लायक नहीं है। तेजस्वी ने दावा किया कि ग्राउंड पर जब वह छात्रों, किसानों और बेरोजगार युवाओं के बीच जाते थे, तो सब बदलाव की बात कर रहे थे। लेकिन परिणाम आया तो एनडीए को 202 सीटों के साथ अप्रत्याशित जीत मिली और नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनी। तेजस्वी यादव ने अपने दावे में इस बात पर भी जोर दिया कि एनडीए नेताओं को भी यह जीत अप्रत्याशित लग रही है।

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