जातीय जनगणना पर चिराग के डिमांड से किसका बढनेवाला है टेंशन?

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव :जातीय जनगणना को लेकर केंद्रीय मंत्री और LJP (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि देश में जाति जनगणना कराना जरूरी है. लेकिन, इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए. एलजेपीआर प्रमुख की इस मांग को लेकर  नई बहस छिड़ गई है. चिराग पासवान ने एक टीवी चैनल पर बात करते हुए  कहा कि जाति जनगणना होनी चाहिए. लेकिन, इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं होने चाहिए.

 चिराग पासवान के अनुसार, इससे समाज में विभाजन और नफरत फैल सकती है. अगर डेटा सार्वजनिक किया गया, तो इसका राजनीतिक फायदा उठाया जा सकता है.चिराग पासवान का मानना है कि जातिगत जनगणना देश की नीतियों को सही दिशा देने के लिए जरूरी है. इससे वंचित लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सकता है. लेकिन, वह नहीं चाहते कि इसे प्रकाशित किया जाए. उनका कहना है कि डेटा का इस्तेमाल सिर्फ सरकारी योजनाओं और नीति बनाने के लिए होना चाहिए.

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चिराग पासवान की इस मांग से देश की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है.. विपक्ष आरोप लगा सकता है कि सरकार की मंशा ही यही है. फिलहाल, इसे चिराग पासवान का सुझाव और निजी विचार माना जा सकता है. अब देखना यह है कि चिराग पासवान की इस मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है. लेकिन, इतना तय है कि यह मुद्दा बिहार चुनाव के पहले तो  शांत होने वाला नहीं है.

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