निशांत कुमार ही हैं JDU के लिए आखिरी उम्मीद, वही पार्टी को रख पायेंगे एकजुट

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : जनता दल (यूनाइटेड) को बचाने और आगे बढाने का एक मात्र रास्ता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार हैं.भारत की राजनीति में परिवार का बोलबाला है और परिवार पार्टी को एकजुट रखने में केन्द्रीय ताकत की भूमिका निभाता है. भाजपा या कम्युनिस्ट पार्टियां इसके अपवाद जरूर है और इसके विशेष कारण भी है. भाजपा संघ परिवार से गाइड होती है और कम्युनिस्ट पार्टियां पोलित ब्यूरो से. क्षेत्रीय पार्टियां व्यक्ति केन्द्रित रही हैं. उत्तर से दक्षिण तक, परिवार केन्द्रित पार्टियां ही है. बिहार में  तेजस्वी यादव,चिराग  पासवान, सम्राट चौधरी जैसे युवा नेता इस वक्त अपने परिवार, अपने पिता की वजह से ही है. ऐसे में अगर नीतीश कुमार, निशांत कुमार को आगे ले कर आते हैं, उन्हें पार्टी की कमान सौंपते हैं, तो बहुत हद तक एक केन्द्रीय ताकत के रूप में निशांत कुमार पार्टी को  एकजुट रख पायेगें.

नीतीश कुमार ने आज तक जो काम किए है, उसकी विरासत भी सीधे निशांत को मिल जाएगी, लोग उनसे नीतीश कुमार के पुत्र होने के नाते कनेक्ट भी हो सकेंगे और उनकी छवि एक सीधे-साधे व्यक्ति की है, जिसका उन्हें और उनकी पार्टी को फायदा हो सकता है. सबसे बड़ी बात, निशांत अभी वे युवा है, पढ़े-लिखे हैं. पिता और वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में वे तेजस्वी यादव और चिराग पासवान से अधिक स्वीकार्य चेहरा बनने की काबिलियत रखते हैं. नीतीश कुमार की पार्टी में अगर लोग आधे इधर, आधे उधर भी होते हैं, तबी भी वैसी स्थिति में युवा निशांत एक पुरानी पार्टी को बिहार के युवाओं से जोड सकते है.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

नीतीश कुमार पर चाहे जो आरोप लगे, उन्होंने बिहार को 90 के बिहार से निकाल कर 21वीं सदी के बिहार तक लाने की ईमानदार कोशिश तो जरूर की है. महिलाओं के उत्थान के लिए उन्होंने अद्भुत काम जरूर किए है. हालांकि, वे जो कर सकते थे, जो उनकी क्षमता थी, वे उतना नहीं कर पाए, क्योंकि अंतत:, वे भी ऐसे नेताओं से घिर कर रह गए, जो तन पर मंडलवादी चादर लपेटे हुए भीतर से कमंडलवादी बनियान पहने हुए हैं.अब तो तेजस्वी यादव भी निशांत कुमार के राजनीति में आने का स्वागत कर रहे हैं.उनका कहना है कि शरद यादव की बनाई पार्टी को दुसरे विचारधारा के लोग हडपना चाहते हैं.ये दीगर बात है कि निशांत तेजस्यावी यादव के लिए भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकते हैं.

Share This Article