सिटी पोस्ट लाइव : नीतीश कैबिनेट के विस्तार पर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने निशाना साधा है. आरसीपी सिंह शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखकर सीएम नीतीश कुमार को निशाने पर लिया.उन्होंने लिखा, “मंत्रिमंडल विस्तार… नीतीश बाबू ने हम (S) पार्टी के एकमात्र मंत्री डॉ. संतोष सुमन से दो विभाग लेकर भाजपा के दो मंत्रियों के बीच उसे बांट दिया. पिछड़ा समाज के कुर्मी कोटे के मंत्री कृष्ण कुमार मंटू को सूचना प्रावैधिकी विभाग तथा अतिपिछड़ा समाज के कोटे के केवट समाज से आने वाले मंत्री विजय मंडल को आपदा प्रबन्धन विभाग दे दिया.
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आरसीपी सिंह ने आगे लिखा है कि ‘यह कैसा फेरबदल है नीतीश बाबू? महादलित समाज से आने वाले मंत्री से पद लेकर उसे पिछड़ा (कुर्मी, कृष्ण कुमार मंटू) एवं अतिपिछड़ा (केवट, विजय मंडल ) में बांटना Social engineering का कैसा मॉडल है. आप ही समझें !! यह अच्छा नहीं लगा.’इससे पहले, गुरुवार को भी उन्होंने बिहार कैबिनेट विस्तार को लेकर सवाल उठाए थे. आरसीपी सिंह ने अपने एक ट्वीट में लिखा था, ‘अन्ततः बिहार में चुनाव के कुछ महीने पूर्व एनडीए सरकार में मंत्रियों के सभी पद भर दिए गए हैं. नवनियुक्त मंत्रियों को बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं. इस विस्तार में महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलना, यादव समाज एवं अल्पसंख्यकों की अनुपस्थिति, ‘सबका साथ, सबका विकास,सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प की अनदेखी नहीं तो और क्या है? कुछ और उदारता बरतने से सर्वसमाज में अच्छा संदेश जाता एवं समावेशी समाज के निर्माण की जड़ें और मज़बूत होती.’
बिहार में बीजेपी के कोटे से 7 नए मंत्री बनाए गए हैं. मंत्री बनने वाले विधायकों में जीवेश मिश्रा, संजय सरावगी, विजय कुमार मंडल, सुनील कुमार, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद और कृष्ण कुमार मंटू के नाम शामिल हैं. नीतीश कैबिनेट में कुल 36 मंत्री हैं, इसमें से बीजेपी के कोटे से 21 मंत्री हैं. नीतीश कुमार के जेडीयू के पीछे हमेशा पीछे रहने वाली बीजेपी अब ‘बड़ा भाई’ बन चुकी है. जेडीयू से डेढ़ गुना ज्यादा मंत्री बीजेपी के हैं.