“हम आतंकवाद का अंत चाहते हैं, पाकिस्तान से हमले जारी रहे तो होंगे गंभीर परिणाम” – जयशंकर

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नीदरलैंड की राजकीय यात्रा के दौरान एक इंटरव्यू में स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ़ भारत की कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना होनी चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का संगठित स्रोत बताते हुए कहा कि “राज्य और सेना दोनों ही इसमें पूरी तरह शामिल हैं।”

उन्होंने इस भ्रम को खारिज किया कि पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद आतंकवादी ढांचे की जानकारी नहीं है। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में मौजूद कई आतंकियों की खुलेआम गतिविधियों की ओर इशारा करते हुए कहा, “उनके पते, संपर्क और गतिविधियां सब कुछ सार्वजनिक हैं, फिर कैसे कहा जाए कि सरकार को कुछ पता नहीं?”

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भारत-पाकिस्तान के बीच स्थायी समाधान की जरूरत

विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि सीजफायर एक अस्थायी समाधान है और अगर पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद जारी रहा, तो इसके “परिणाम होंगे।” जब उनसे पूछा गया कि क्या कश्मीर विवाद आतंकवाद को जन्म देता है, तो उन्होंने कहा कि, “आतंकवाद को किसी भी विवाद से उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह एक स्वतंत्र और अस्वीकार्य अपराध है।” उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान को “अपने अवैध कब्जे वाले हिस्से भारत को लौटाने चाहिए।”

मध्यस्थता का सख्त विरोध

जयशंकर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई मध्यस्थता की पेशकश को भी खारिज करते हुए कहा कि, “यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है, इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती।”

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