बिहार सरकार ने की 21 लाख रुपये की मदद की घोषणा, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
सिटी पोस्ट लाइव
जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी का मुकाबला करते हुए बिहार के लाल इम्तियाज ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। आज उनका शव उनके पैतृक गांव नारायणपुर (छपरा) पहुंचेगा, जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहादत पर गर्व, सरकार का साथ: बिहार सरकार ने इम्तियाज की शहादत को नमन करते हुए उनके परिवार को ₹21 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा शहीद परिवारों के लिए लागू सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी इम्तियाज के परिवार को मिलेगा।
शहीद की अंत्येष्टि में राज्य सरकार के मंत्रीगण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।
गांव में शोक और सम्मान का माहौल: जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, नारायणपुर में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग और ग्रामीण गर्व और दुख के मिले-जुले भावों के साथ शहीद को अंतिम विदाई देने की तैयारी में हैं। राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा पार्थिव शरीर आज सुबह गांव पहुंचेगा, जिसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन की तैयारी: सुरक्षा और सम्मान की दृष्टि से पुलिस व प्रशासन की पूरी टीम अलर्ट है। जनता को श्रद्धांजलि देने के लिए जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए हैं। स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों में शोक सभा आयोजित की जा रही है।
इम्तियाज: देश का सच्चा सपूत : आरएस पुरा सेक्टर में तैनात इम्तियाज, दुश्मन की गोलीबारी में डटकर मुकाबला करते हुए शहीद हुए। उनका साहस, देशभक्ति और बलिदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गया है।