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बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। राज्य के 37 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी, जिनमें वर्तमान में कार्यरत 16 जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं, एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी जा रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को सूचना जारी कर दी है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 जनवरी से 30 जनवरी 2026 तक चलेगा, जो कि 25 दिनों की अवधि का होगा। यह सभी अधिकारी वर्ष 2015 से लेकर 2018 बैच के युवा और अनुभवी आईएएस अफसर हैं, जिन्हें उनके करियर के मध्य चरण में फेज-3 (Phase-III) का यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और प्रशासनिक प्रभाव
फेज-3 का यह प्रशिक्षण अधिकारियों को शासन, नीति निर्माण, सार्वजनिक सेवा वितरण, ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी और नवीनतम तकनीक से अवगत कराता है। चूंकि इस दल में 16 जिलों के मौजूदा डीएम शामिल हैं, इसलिए इन सभी जिलों में अगले साल जनवरी में अस्थायी या वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था लागू करनी होगी। संभावना है कि सामान्य प्रशासन विभाग इन डीएम के प्रस्थान से पहले या उनके प्रशिक्षण की अवधि के दौरान अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को इन जिलों का अतिरिक्त प्रभार सौंपेगा या फिर बड़े पैमाने पर तबादले किए जा सकते हैं।

प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में जिलों के शीर्ष अधिकारियों का एक साथ प्रशिक्षण पर जाना राज्य के शासन और नीति क्रियान्वयन में एक अस्थायी बदलाव लाएगा। प्रशिक्षण से लौटने के बाद, इन अधिकारियों के ज्ञान और अनुभव का लाभ बिहार की प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने में मिलेगा।
