बिहार सरकार का कृषि विभाग राज्य में तेलहन प्रसंस्करण और तेल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल लेकर आया है। विभाग की नई योजना के तहत अब किसानों और युवाओं को तेल मिल लगाने पर कुल लागत का 33 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यानी लगभग 9 लाख 90 हजार रुपये तक के प्रोजेक्ट पर लाभ उठाया जा सकता है।
दरअसल, https://dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सरकार की इस पहल से राज्य में तेलहन प्रसंस्करण के साथ-साथ इसके उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। कृषक और युवा इस योजना का लाभ उठा कर खुद को बेहतर स्वरोजगार से जोड़ सकते हैं। वैसे युवा जो उद्यमी बनना चाहते हैं उनके लिए यह योजना अपने सपने को साकार करने का अवसर लेकर आई है। साथ ही विभाग की ओर से दिए जा रहे सहायता अनुदान के रूप में 10 टन की क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए प्रति इकाई अधिकतम 9 लाख नब्बे हजार रुपए या प्रोजेक्ट लागत का 33% अनुदान मिलेगा। वहीं, भूमि की खरीद या भवन/शेड के निर्माण के लिए सहायता नहीं दी जाएगी। सब्सिडी की गणना के लिए परियोजना लागत की गणना से इन लागतों को बाहर रखा जाएगा।
बता दें कि किसान, सरकारी या निजी उद्योग, कृषक उत्पादक समूह (एफपीओ) सहित तिलहन प्रसंस्करण में शामिल पंजीकृत स्टार्ट-अप एवं सहकारी समितियां इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 3 दिसंबर से शुरु है। वहीं आवेदन की अंतिम तिथि 15 दिसंबर है। आवेदन के लिए आवेदक को तेल प्रसंस्करण की आधारभूत जानकारी के साथ अन्य आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इस संबंध में अधिक जानकारी जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।