सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में दल-बदल और सियासी समीकरणों के बनने-बिगड़ने का दौर जारी है। इसी कड़ी में आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक बड़ा रणनीतिक झटका लगने जा रहा है। तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले और राजद के कद्दावर पूर्व विधायक रेयाजुल हक राजू ने पाला बदलने का मन बना लिया है। वे आज दोपहर 12:30 बजे पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति और विकास कार्यों में विश्वास जताते हुए तीर थामेंगे।
जेडीयू दफ्तर में ‘मिलन समारोह’ की भव्य तैयारी
रेयाजुल हक राजू के स्वागत के लिए जेडीयू प्रदेश कार्यालय में हलचल तेज है। पार्टी द्वारा आयोजित विशेष ‘मिलन समारोह’ में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा समेत कई कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी सूत्रों की मानें तो राजू का जेडीयू में आना महज एक नेता का पार्टी बदलना नहीं है, बल्कि यह आगामी चुनावों से पहले अल्पसंख्यक वोट बैंक और क्षेत्रीय पकड़ को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
राजद के लिए बड़ी क्षति, जेडीयू को मिलेगी मजबूती
रेयाजुल हक राजू का राजनीतिक कद उनके क्षेत्र में काफी ऊंचा रहा है। विधायक के रूप में उन्होंने अपने इलाके में गहरी पैठ बनाई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजू के जाने से राजद को विशेष रूप से गोपालगंज और आसपास के जिलों में नुकसान उठाना पड़ सकता है। दूसरी ओर, जेडीयू इसे अपनी ‘सुशासन’ वाली राजनीति की जीत के रूप में पेश कर रही है। जेडीयू नेतृत्व को उम्मीद है कि राजू के आने से सीमांचल और मिथिलांचल के सियासी समीकरणों में पार्टी को बढ़त मिलेगी।
क्या हैं इस पाला बदल के मायने?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि राजद के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान और असंतोष ने राजू को यह कदम उठाने पर मजबूर किया। वहीं, जेडीयू इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बढ़ते भरोसे के तौर पर देख रही है। इस मिलन समारोह के मंच से रेयाजुल हक राजू राजद नेतृत्व पर तीखे हमले कर सकते हैं, जिससे बिहार की राजनीति में जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, पटना में होने वाला यह घटनाक्रम यह स्पष्ट करता है कि चुनावी रणभेरी बजने से पहले सभी दल अपने-अपने किलों को मजबूत करने और विरोधियों के खेमे में सेंध लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव के इस “बड़े विकेट” के गिरने के बाद राजद की क्या प्रतिक्रिया होती है।