एक्शन पर बवाल: उस्मान तारिक की गेंदबाजी ने किया हैरान, समझें क्या है आईसीसी का ’15 डिग्री’ नियम…

Ritu Raj

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में यूएसए के खिलाफ पाकिस्तान की 32 रनों की जीत में उस्मान तारिक (3/27) हीरो बनकर उभरे। लेकिन मैच के बाद उनकी गेंदबाजी से ज्यादा उनके ‘रहस्यमयी एक्शन’ की चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर फैंस और एक्सपर्ट्स के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या यह कला है या नियमों का उल्लंघन?

क्या है ‘चकिंग’ ?
क्रिकेट की शब्दावली में जिसे हम ‘चकिंग’ या ‘भट्टा’ कहते हैं, आईसीसी उसे ‘Illegal Bowling Action’ मानता है। सरल शब्दों में कहें तो गेंदबाजी करते समय यदि हाथ कोहनी से मुड़कर अचानक झटके से सीधा होता है, तो उसे ‘थ्रो’ माना जाता है। नियम के मुताबिक, गेंद फेंकते समय हाथ कंधे के ऊपर से घूमना चाहिए, कोहनी के झटके से नहीं।

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15-डिग्री का ही नियम क्यों?
आईसीसी ने बायोमैकेनिकल रिसर्च के बाद एक लक्ष्मण रेखा खींची है। नियम कहता है कि गेंद रिलीज करते वक्त कोहनी का विस्तार (extension) 15 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए। वैज्ञानिकों ने पाया कि इंसान का हाथ पूरी तरह सीधा रहकर घूमना लगभग असंभव है। हल्का सा घुमाव प्राकृतिक है। 15 डिग्री तक का मोड़ आंखों से पहचानना मुश्किल होता है, लेकिन इससे ज्यादा होने पर गेंदबाज को अनुचित लाभ मिलने लगता है।

शिकायत होने पर क्या होता है?
रिपोर्टिंग: मैच अधिकारी गेंदबाज के एक्शन को ‘संदिग्ध’ (Suspicious) घोषित करते हैं।
लैब टेस्ट: गेंदबाज को आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त बायोमैकेनिकल सेंटर में जाकर टेस्ट देना होता है।
परिणाम: यदि कोहनी का झुकाव 15 डिग्री से ऊपर निकलता है, तो गेंदबाज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से तब तक सस्पेंड कर दिया जाता है जब तक वह अपना एक्शन सुधार न ले।

गेंदबाजी तकनीक: स्विंग और स्पिन का असली सच
तेज गेंदबाज: स्विंग के लिए क्रीज के एंगल और सीम (सिलाई) की पोजीशन का इस्तेमाल करते हैं।
स्पिनर: अपनी उंगलियों और कलाई के जादू से गेंद को रोटेशन देते हैं। कोहनी का इसमें कोई सकारात्मक रोल नहीं होता।

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