अविश्वास प्रस्ताव के बाद फिर टकराए पक्ष-विपक्ष: ‘एप्स्टीन-अदाणी’ से लेकर ‘गैस संकट’ तक, संसद में आज क्या-क्या हुआ?…

Ritu Raj

गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में भारी शोर-शराबा देखने को मिला। विपक्ष ने मुख्य रूप से देश में गहराते एलपीजी सिलेंडर संकट और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

लोकसभा: स्पीकर की वापसी और विपक्ष का प्रदर्शन
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज होने के बाद, वे गुरुवार को पुनः सदन की अध्यक्षता करने लौटे। हालाँकि, कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी के कारण कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा। वहीं, संसद परिसर में सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी ने ‘नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे लगाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनता को तो नहीं घबराने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन स्वयं एप्स्टीन-अदाणी मामले को लेकर ‘पैनिक’ में हैं।

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राज्यसभा: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
उच्च सदन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया। खड़गे ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय के अधीन सुरक्षा होने के बावजूद जम्मू-कश्मीर में पूर्व सीएम सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया, “क्या सरकार का इरादा उन्हें मारने का है?” वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हमले को चौंकाने वाला बताया और कहा कि यह राहत की बात है कि सुरक्षाकर्मी की सूझबूझ से गोली किसी को नहीं लगी।

प्रमुख मांगें और बयान;
विपक्ष ने पश्चिम एशिया संकट और उसके घरेलू असर पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है:
रेणुका चौधरी: उन्होंने मांग की कि पीएम मोदी को संसद में बयान देना चाहिए और इस संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।
मल्लू रवि: उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव केवल सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के लिए था, क्योंकि उन्हें पता था कि संख्या बल उनके पास नहीं है।
चर्चा की मांग: विपक्ष का कहना है कि एलपीजी की लंबी लाइनों और बढ़ती कीमतों पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि जनता को असल स्थिति का पता चल सके।

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