सिटी पोस्ट लाइव
पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय बिहार दौरे पर आए और जाते-जाते राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटों—विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और विधायक तेजप्रताप यादव—के बीच तनाव बढ़ा गए। शाह की रणनीति से यह स्पष्ट हो गया कि दोनों भाइयों में दरार डालने की कोशिश भाजपा की केंद्रीय योजना का हिस्सा है।
गोपालगंज में लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के दौरे के दौरान, अमित शाह ने चतुराई से टिप्पणी की कि तेजस्वी और तेजप्रताप दोनों ही मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इस बयान के बाद राजद परिवार में हलचल मच गई। बताया जा रहा है कि इस विषय पर परिवार के भीतर एक अहम बैठक हुई।
सूत्रों के अनुसार, तेजप्रताप को समझाया गया कि भाजपा के भड़काने के बावजूद परिवार की एकता बनाए रखनी होगी। इस बैठक के बाद तेजस्वी ने अमित शाह पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के नेता लालू परिवार का अपमान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी अमित शाह बिहार आते हैं, वे झूठे दावे करके चले जाते हैं।
अमित शाह ने गोपालगंज में दिए अपने भाषण में लालू प्रसाद यादव पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी आईटी उद्योग को बढ़ावा दे रहे थे, तब लालू इसका मजाक उड़ाते थे और पूछते थे कि कंप्यूटर दूध दे सकता है क्या? आज वही गोपालगंज के बच्चे कंप्यूटर और इंटरनेट से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन लालू सिर्फ अपने परिवार को ही आगे बढ़ाने में लगे रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की असली रणनीति तेजस्वी को नहीं, बल्कि सीधे लालू यादव को निशाना बनाकर चुनाव लड़ने की है। हालांकि, लालू परिवार ने अमित शाह की इस चाल का तोड़ निकालने के लिए बैठक की है। इसके नतीजे क्या होंगे, यह तो समय ही बताएगा।