सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के सुप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में 17 दिसंबर की रात हुई करोड़ों के आभूषणों की चोरी ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। इस मामले में गोपालगंज पुलिस ने शनिवार की सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी इजमामूल आलम को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अपराधी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रिखई टोला के पास हुई मुठभेड़
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मंदिर में चोरी करने वाला गिरोह थावे थाना क्षेत्र के रिखई टोला के पास छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर जब पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की, तो अपराधियों ने खुद को घिरा देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में ‘ठायं-ठायं’ (जवाबी फायरिंग) की, जिसमें इजमामूल आलम घायल होकर गिर पड़ा। हालांकि, उसके अन्य साथी घने कोहरे और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे।
मुकुट का सुराग और बरामदगी
पुलिस के लिए सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि गिरफ्तार अपराधी इजमामूल के पास से थावे मंदिर से चोरी किए गए सोने के मुकुट के कुछ हिस्से बरामद हुए हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह वही गिरोह है जिसने सिद्धपीठ की पवित्रता को भंग किया था। घायल अपराधी की पहचान मोतिहारी जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र निवासी अनवर अंसारी के पुत्र के रूप में हुई है।
मुख्य आरोपी पहले ही जा चुका है जेल
इस बहुचर्चित कांड में पुलिस ने पहले ही मुख्य आरोपी दीपक राय (निवासी गाजीपुर, यूपी) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दीपक की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस अन्य साथियों की तलाश में जुटी थी। जांच में पता चला है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हुए हैं।
गोपालगंज एसपी के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीम फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही मंदिर से चोरी हुए बाकी आभूषण भी बरामद कर लिए जाएंगे और पूरे गिरोह का खात्मा होगा।