Bhagalpur Student Suicide : एडमिट कार्ड की त्रुटि और मानसिक तनाव का बोझ नहीं सह सका विशाल, फंदे से लटककर खत्म की जिंदगी

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले ही दिन एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे छात्र जगत और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। शहर के उर्दू बाजार स्थित ‘सीता सदन लॉज’ में रहकर पढ़ाई करने वाले बांका के होनहार छात्र विशाल कुमार ने सोमवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विज्ञान संकाय का यह छात्र परीक्षा न दे पाने के गम और मानसिक तनाव को बर्दाश्त नहीं कर सका।

एडमिट कार्ड की त्रुटि बनी काल
मूल रूप से बांका जिले के बौंसी (भलसुमिया गांव) का रहने वाला विशाल पिछले दो साल से भागलपुर में रहकर कड़ी मेहनत कर रहा था। मैट्रिक में 348 अंक लाने वाले विशाल को उम्मीद थी कि वह इंटर में भी बेहतर प्रदर्शन करेगा। परिजनों के अनुसार, विशाल के एडमिट कार्ड में नाम गलत छप गया था। जब उसने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया, तो उसे बताया गया कि सुधार मई में होगा, जिसका अर्थ था कि उसका एक साल बर्बाद हो जाएगा। इसी बात ने उसे गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में धकेल दिया था।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

दोहरा तनाव: परीक्षा और निजी विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे केवल एडमिट कार्ड की समस्या ही नहीं, बल्कि निजी तनाव के संकेत भी मिले हैं। विशाल के दोस्तों ने बताया कि उसका अपनी एक सहपाठी छात्रा से विवाद चल रहा था। वह छात्रा परीक्षा देने गई थी, जबकि विशाल एडमिट कार्ड की त्रुटि के कारण कमरे में ही रह गया। हीन भावना और भविष्य की चिंता ने उसे आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सोमवार सुबह जब मकान मालिक ने खिड़की से झांका, तो विशाल का शव पंखे से लटका मिला।

रुंधे गले से पिता ने सुनाई आखिरी बातचीत
विशाल के पिता प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि रविवार को ही उनकी बात हुई थी। विशाल ने राशन के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। विशाल का एक चचेरा भाई जो दिल्ली में रहता था, उसका भी एडमिट कार्ड नहीं आया था, जिससे विशाल और भी ज्यादा विचलित महसूस कर रहा था।

पुलिस और FSL की जांच शुरू
तातारपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक (FSL) की टीम ने घटनास्थल पर पहुँचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब विशाल के कॉल डिटेल्स और उसके दोस्तों के बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। हालांकि कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है।

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और एडमिट कार्ड जैसी बुनियादी चीजों में होने वाली विभागीय गलतियों के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है।

Share This Article