फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: निलंबित अंचलाधिकारी ने नाम बदलकर दोबारा पास की मैट्रिक परीक्षा, फिर बन गया CO

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में नौकरी के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में निलंबित चल रहे अंचलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने अपना नाम बदलकर और उम्र कम करके प्रिंस राज के नाम से दोबारा मैट्रिक की परीक्षा दी। इसी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास कर ली और अंचलाधिकारी (CO) के पद पर चयनित हो गए।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में धर्मेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान, विजिलेंस टीम को दो अलग-अलग पहचान पत्रों वाले सर्टिफिकेट बरामद हुए। जब इन प्रमाणपत्रों की जांच बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से कराई गई, तो यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि धर्मेंद्र कुमार और प्रिंस राज एक ही व्यक्ति हैं।

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धर्मेंद्र कुमार ने सरकारी नौकरी पाने के लिए धोखाधड़ी का यह रास्ता अपनाया था। उन्होंने अपनी उम्र कम करके प्रिंस राज के नाम से मैट्रिक परीक्षा दी। इसके बाद, इसी फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके उन्होंने BPSC की 62वीं परीक्षा पास की और अंचलाधिकारी के रूप में चयनित होकर नौकरी करने लगे।

इस खुलासे के बाद, सरकार ने प्रिंस राज के सभी प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से प्रिंस राज को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा भी कर दी है। इस मामले को सरकार के साथ धोखाधड़ी, बिहार सेवा संहिता का उल्लंघन और एक गंभीर फर्जीवाड़ा माना जा रहा है। विजिलेंस यूनिट की टीम जल्द ही इस मामले में स्थानीय थाने में मामला भी दर्ज कराएगी।

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