सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पर पोस्टर वार छेड़ दिया है। राजद ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य में ₹70,000 करोड़ के “महा घोटाला” का आरोप लगाया है और इसकी न्यायिक जांच की मांग की है।
राजद की तरफ से लगाए गए पोस्टरों में सृजन घोटाले के बाद अब CAG रिपोर्ट में उजागर हुए कथित बड़े वित्तीय अनियमितताओं को प्रमुखता से उठाया गया है। राजद का आरोप है कि यह घोटाला राज्य के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 8.5 प्रतिशत है, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
पोस्टर में विभिन्न विभागों में कथित घोटाले की राशि का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है:
• पंचायती राज विभाग में ₹28,154 करोड़
• शिक्षा विभाग में ₹12,627 करोड़
• नगर विकास विभाग में ₹1,165 करोड़
• ग्रामीण विकास विभाग में ₹7,800 करोड़
• कृषि विभाग में ₹2,160 करोड़
राजद ने इन आंकड़ों के जरिए नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला है। इसके साथ ही, राजद ने यह भी दावा किया है कि राज्य पर कर्ज 12 से 34 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस पोस्टर वार के माध्यम से राजद ने सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया है।
यह पोस्टर अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो रही हैं। राजद लगातार भ्रष्टाचार को एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहा है। सरकार की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाएगा। राजद के इस आक्रामक रुख से बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है।