सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान को लेकर मुजफ्फरपुर जिला पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है। जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों के कुल 4186 मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना हो गई हैं। मंगलवार को एमआईटी कॉलेज, आरडीएस कॉलेज और जिला स्कूल से चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत पोलिंग टीमों को मतदान सामग्री और ईवीएम मशीनों के साथ उनके गंतव्य स्थानों के लिए भेजा गया।
जिला प्रशासन ने तीन प्रमुख डिस्पैच सेंटर बनाए हैं — एमआईटी कॉलेज (ब्रह्मपुरा), आरडीएस कॉलेज (रामदयालु) और जिला स्कूल (मिठनपुरा)। इन तीनों केंद्रों से अलगअलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान दलों को रवाना किया गया।
एमआईटी कॉलेज से कांटी, बरूराज, साहेबगंज, औराई और मीनापुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए पोलिंग पार्टियां भेजी गईं। आरडीएस कॉलेज से पारू, सकरा और कुढ़नी के मतदान केंद्रों के लिए दल रवाना हुए, जबकि जिला स्कूल से गायघाट, बोचहा और मुजफ्फरपुर नगर विधानसभा सीटों के लिए पोलिंग पार्टियां निकलीं।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुचारू परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी मतदान दलों के लिए विशेष रूट तय किए हैं। एमआईटी सेंटर से रवाना होने वाली पोलिंग पार्टियां बैरिया बस स्टैंड, चांदनी चौक, दरभंगा मोड़ और संगम घाट होते हुए संबंधित विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेंगी। आरडीएस कॉलेज से पारू, कुढ़नी और सकरा जाने वाली पार्टियां रामदयालु, कच्चीपक्की के रास्ते एनएच मार्ग से गुजरेंगी, जबकि जिला स्कूल से रवाना होने वाली टीमें मुसहरी, सरैयागंज टावर और अखराघाट पुल के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जाएंगी।
मतदान समाप्त होने के बाद सभी पोलिंग पार्टियां बाजार समिति, अहियापुर में स्थित रिसीविंग सेंटर पर लौटेंगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने अलगअलग विधानसभा क्षेत्रों के लिए एंट्री और एग्जिट गेट तय किए हैं। गायघाट, बोचहा, औराई और मीनापुर की पार्टियां बखरी मोड़ मार्ग से आएंगी, जबकि पारू, साहेबगंज, बरूराज और कांटी की पोलिंग टीमें भगवानपुर, बैरिया, जीरो माइल और संगम घाट से होकर पहुंचेंगी। कुढ़नी और सकरा की टीमें भगवानपुर होते हुए और नगर विधानसभा की टीमें अखराघाट पुल मार्ग से बाजार समिति तक पहुंचेंगी।
मतदान दलों के बाजार समिति परिसर में प्रवेश और निकास के लिए भी व्यवस्था की गई है। पोलिंग पार्टियां गेट नंबर 2 से प्रवेश करेंगी और गेट नंबर 1 से बाहर निकलेंगी। प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है ताकि 6 नवंबर को होने वाले मतदान में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस बार जिले के 32.98 लाख मतदाता लोकतंत्र के इस महापर्व में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।