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बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर चुनाव आयोग के दावों पर सवाल उठाते हुए उसे खुली चुनौती दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पुनरीक्षण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं और आयोग के “80 प्रतिशत फॉर्म एकत्र कर लिए गए हैं” के दावे निराधार हैं।
राजेश कुमार ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “चुनाव आयोग को अपने दावों का प्रमाण देते हुए यह बताना चाहिए कि अब तक कितने फॉर्म अपलोड किए गए हैं।” उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “मेरा दावा है कि आपके (चुनाव आयोग के) एक भी BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) मतदाता के दरवाजे पर या किसी खुले स्थल पर काम करते नहीं दिख रहे।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने उन वायरल वीडियो और तस्वीरों का भी जिक्र किया जिनमें मतदाता पुनरीक्षण के फॉर्म सड़कों पर या खुले में पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने तीखे लहजे में सवाल किया, “सड़क पर मतदाता पुनरीक्षण का फॉर्म जिस तरीके से सड़क पर फेंका हुआ दिख रहा है, BLO सड़क पर कब दिखेंगे?”
राजेश कुमार ने चुनाव आयोग पर बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के मामले में लापरवाही और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची का त्रुटिरहित होना अत्यंत महत्वपूर्ण है, आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर तुरंत स्पष्टीकरण दे और पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करे ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर अपनी निगरानी बढ़ाने और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बात कही है। यह देखना होगा कि चुनाव आयोग इन गंभीर आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या वह पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई अतिरिक्त कदम उठाता है।