बिहार चुनाव 2025: अब ₹50,000 से ज्यादा कैश रखने पर होगी कार्रवाई, DM ने जारी किए सख्त निर्देश

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनजर जिला प्रशासन सतर्क मोड में आ गया है। पटना जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला मजिस्ट्रेट डॉ. त्यागराजन एसएम ने चुनावी खर्च और नकद लेन-देन को लेकर सोमवार को अत्यंत सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के साथ ही धनबल या कालेधन के उपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

₹40 लाख खर्च सीमा, नया बैंक खाता अनिवार्य
चुनाव आयोग ने प्रत्येक प्रत्याशी के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा ₹40 लाख तय की है। इस सीमा के भीतर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, सभी उम्मीदवारों को चुनावी खर्च के लिए एक नया बैंक खाता खोलना अनिवार्य कर दिया गया है। डीएम ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक लेन-देन इसी खाते से होना चाहिए, ताकि खर्च की निगरानी की जा सके और उसकी वास्तविकता परखी जा सके।

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₹10 हजार से अधिक के हर लेन-देन पर निगरानी
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चुनाव अवधि में ₹10 हजार से अधिक के हर लेन-देन पर प्रशासन की विशेष निगरानी रहेगी। इसका सीधा उद्देश्य यह है कि कोई भी उम्मीदवार या राजनीतिक दल कालेधन के जरिए वोट खरीदने या मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश न करे।

सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि ₹50 हजार रुपये से अधिक नकद रखने की मनाही है। यदि किसी भी व्यक्ति के पास इतनी बड़ी राशि बिना किसी उचित प्रमाण के पाई जाती है, तो राशि तत्काल जब्त कर ली जाएगी। यह नियम चुनाव में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।

32 चेकपोस्ट और 20 एजेंसियों की कड़ी निगरानी
जिले में चुनावी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए 20 इन्फोर्समेंट एजेंसियों को सक्रिय किया गया है। इसके साथ ही, 32 चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां नकदी, शराब, नशीले पदार्थ, जाली करेंसी और बहुमूल्य धातुओं की आवाजाही पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, 475 हॉटस्पॉट इलाकों को चिह्नित किया गया है, जहां अवैध लेन-देन और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

आम नागरिक रखें दस्तावेज, नहीं होगी परेशानी
डीएम ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। यदि कोई व्यक्ति शादी, इलाज या व्यापार के लिए अधिक राशि ले जा रहा है, तो उन्हें बस जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे। इन दस्तावेजों में शामिल हैं: पहचान पत्र , बैंक निकासी पर्ची या मोबाइल बैंक मैसेज, भुगतान या खरीद का प्रमाण कारोबारी होने पर बिक्री से संबंधित बिल

डीएम ने यह भी बताया कि यदि किसी की राशि साक्ष्य के अभाव में जब्त हो भी जाती है, तो प्रमाण प्रस्तुत करने पर राशि वापस की जा सकती है, बशर्ते अधिकारी संतुष्ट हों।

सोने और ज्वेलरी की आवाजाही पर भी नजर
केवल नकदी ही नहीं, बल्कि सोने और आभूषणों की आवाजाही पर भी निर्वाचन आयोग की नजर रहेगी। ₹50 हजार तक के सोने (करीब 5 ग्राम) या ज्वेलरी के साथ भी दस्तावेज रखना अनिवार्य होगा। वहीं, यदि किसी के पास ₹10 लाख रुपये से अधिक मूल्य की ज्वेलरी पाई जाती है, तो इसकी सूचना आयकर विभाग को दी जाएगी।

डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने नागरिकों और प्रत्याशियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध या अपारदर्शी लेन-देन से बचें। उन्होंने कहा, “पारदर्शिता और निष्पक्षता से ही लोकतंत्र की नींव मजबूत होती है।”

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