बिहार चुनाव: NDA को घेरने के लिए कांग्रेस का नया अभियान, “20 साल, 20 सवाल” लॉन्च

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले, सत्तारूढ़ NDA गठबंधन पर हमला बोलने के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक आक्रामक अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी ने शनिवार को पटना में “20 साल, 20 सवाल” नामक अभियान की शुरुआत की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कन्हैया कुमार ने पटना स्थित सदाकत आश्रम में इस अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता हर दिन एक सवाल पूछेंगे और NDA सरकार को पिछले दो दशकों के अपने कार्यकाल का हिसाब देना होगा।

भ्रष्टाचार और अडानी को लेकर पहला सवाल
अभियान का पहला सवाल सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और अडानी समूह को दिए गए कथित अनुबंधों से जुड़ा था। कन्हैया कुमार ने पीरपैंती बिजली संयंत्र परियोजना को लेकर सवाल उठाए।

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कन्हैया ने आरोप लगाया कि UPA सरकार के तहत केंद्र और राज्य के संयुक्त उद्यम के रूप में शुरू की गई इस परियोजना को बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में अडानी समूह को सौंप दिया गया। उन्होंने पूछा, “किसानों से सस्ती दरों पर ज़मीन क्यों ली गई, सिर्फ इसलिए कि बाद में महंगी दरों पर बिजली खरीदी जाए? अन्य राज्यों में अडानी ₹3 प्रति यूनिट की दर से अनुबंध करता है, लेकिन बिहार में यह दर ₹6 है। इससे बिहार के ₹56,000 करोड़ की बचत हो सकती थी।”

कन्हैया कुमार ने NDA पर ‘व्यवसाय के लिए चंदा’ मॉडल चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह जनता के संसाधनों का दुरुपयोग है।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और ‘वोट की चोरी’ का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने NDA पर “वोट की चोरी” करने का भी गंभीर आरोप लगाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के माध्यम से तैयार की गई मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।

राजेश राम ने कहा कि जहां एक तरफ चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को सफल बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ हटाए गए नामों की संख्या जोड़े गए नामों की तुलना में कहीं अधिक है, और कई योग्य मतदाताओं को जानबूझकर बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “SIR शुरू से ही एक ढोंग रहा है, जिसे इतनी अपारदर्शिता के साथ संचालित किया गया कि कोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।”

चुनाव तक जारी रहेगा सवाल पूछने का सिलसिला
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि “20 साल, 20 सवाल” अभियान मतदान होने तक जारी रहेगा। इस अभियान में मुख्य रूप से भ्रष्टाचार, शासन की विफलताएं और NDA द्वारा सार्वजनिक संसाधनों के कथित दुरुपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कन्हैया कुमार ने NDA को चेतावनी देते हुए कहा, “हम तब तक जनता की ओर से सवाल उठाना बंद नहीं करेंगे, जब तक जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हो जाती।” कांग्रेस पार्टी का यह आक्रामक अभियान बिहार चुनाव से पहले NDA पर दबाव बनाने और जनता का ध्यान आर्थिक और प्रशासनिक मुद्दों की ओर खींचने की रणनीति मानी जा रही है।

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