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महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की घटनाओं से निपटने और पीड़ितों को त्वरित न्याय और सहायता उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को कुल 390 पूर्णकालिक सुरक्षा अधिकारियों (Protection Officers – POs) की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। ये अधिकारी राज्य के सभी 38 जिलों, 101 अनुमंडलों और पटना स्थित महिला एवं बाल विकास निगम (WCDC) के मुख्यालय में तैनात किए जाएंगे।
इस प्रस्ताव को समाज कल्याण विभाग द्वारा कैबिनेट में प्रस्तुत किया गया था। समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बताया कि यह निर्णय घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी के लिए लिया गया है। मंत्री ने कहा, “घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनों के तहत प्रभावी सहायता और संरक्षण मिल सके, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। ये नियुक्तियां उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं।”
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पूर्णकालिक सुरक्षा अधिकारी पीड़िता की मेडिकल जांच कराएंगे और रिपोर्ट की प्रतियां पुलिस स्टेशन व मजिस्ट्रेट को भेजेंगे। ये अधिकारी मजिस्ट्रेट के निर्देशों के तहत काम करेंगे और पीड़िता को कानूनी, चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक सहयोग दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
जल्द शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया
समाज कल्याण विभाग ने जानकारी दी है कि नए कैडर के तहत इन पदों की बहाली प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इन अधिकारियों को घरेलू हिंसा के मामलों में न केवल पीड़िता की सहायता करनी होगी, बल्कि उन्हें सुरक्षा दिलाने के लिए कानूनी प्रावधानों की निगरानी और पालन भी कराना होगा।