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पटना: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस विभाग में व्यापक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी क्षेत्रीय आईजी और डीआईजी को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे 15 फरवरी तक उन पुलिसकर्मियों की सूची उपलब्ध कराएं, जो पिछले आठ वर्षों या उससे अधिक समय से एक ही पुलिस रेंज में तैनात हैं। ऐसे कर्मियों को दूसरी रेंज में स्थानांतरित किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सिपाही से लेकर पुलिस निरीक्षक स्तर तक के ऐसे कर्मियों की सूची कोटिवार उपलब्ध करानी होगी, जिनकी क्षेत्र में सेवा अवधि आठ वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है। इस गणना के लिए 31 मार्च 2025 को आधार तिथि माना जाएगा। मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को प्रमाण-पत्र देना होगा कि उनके अधीनस्थ क्षेत्र में कोई भी पुलिसकर्मी निर्धारित समय-सीमा से अधिक नहीं तैनात है। अगर भविष्य में ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही एक निर्धारित प्रारूप भी दिया गया है, जिसमें कर्मी का नाम, गृह जिला, जन्मतिथि, नियुक्ति तिथि, वर्तमान और पूर्व पदस्थापन का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा।

पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण को लेकर वर्ष 2022 में एक नया आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत, सेवानिवृत्ति के निकट होने की स्थिति को छोड़कर किसी भी कर्मी को उसके गृह जिले में तैनाती नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, यदि कोई पुलिस अधिकारी पहले किसी जिले या क्षेत्र में पदस्थापित रह चुका है, तो उसका दोबारा उसी स्थान पर तबादला नहीं किया जाएगा, चाहे उसकी सेवा अवधि कितनी भी कम रही हो।
नए नियमों के अनुसार, किसी भी पुलिस अधिकारी को अधिकतम पांच वर्षों तक एक जिले में और अधिकतम आठ वर्षों तक एक पुलिस रेंज या इकाई में कार्य करने की अनुमति दी जाएगी। यदि किसी कर्मी ने अलग-अलग समय पर उसी रेंज में कार्य किया है, तो उसके सभी कार्यकालों को जोड़कर गणना की जाएगी।