Bihar Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले तेजस्वी-अख्तरुल की बड़ी बैठक, क्या NDA का गेम बिगाड़ देगा महागठबंधन?…

Ritu Raj

बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए होने वाली जंग अब दिलचस्प मोड़ पर आ गई है। जहाँ एक तरफ एनडीए सभी सीटों पर क्लीन स्वीप का दावा कर रही है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपना उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को ‘वोटिंग’ की दहलीज पर ला खड़ा किया है।

अख्तरुल ईमान और तेजस्वी की मुलाकात पर टिकी निगाहें;
सबसे बड़ी खबर यह है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान को आज अपने आवास पर बुलाया है। मंगलवार को हुई ‘मटन पार्टी’ और रणनीतिक बैठक से AIMIM और BSP के विधायकों ने दूरी बना ली थी, जिसके बाद यह व्यक्तिगत मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है। आरजेडी को अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वोटों की दरकार है। तेजस्वी यादव खुद मोर्चे पर हैं और छोटी पार्टियों को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

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बैठक का सार;
मंगलवार को तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के घटक दलों की बैठक हुई। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राजनीति के साथ-साथ जायके का भी दौर चला, लेकिन संदेश बिल्कुल स्पष्ट था कि “अनुशासन में कोई चूक नहीं।” तेजस्वी ने सभी विधायकों को मतदान के दिन समय पर पहुंचने का सख्त निर्देश दिया है। वहीं, राज्यसभा चुनाव में वरीयता क्रम के आधार पर वोटिंग होती है, इसलिए एक भी गलती आरजेडी का खेल बिगाड़ सकती है। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि उनके पास 41 विधायकों का समर्थन है और जीत निश्चित है।

हालांकि, इस पूरे चुनावी समीकरण में AIMIM (5 विधायक) और BSP (1 विधायक) ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि “देश चलाने वाले लोग जिंदा चमड़े के सप्लायर बन गए हैं, इसीलिए चुनाव की स्थिति बनी है।” अगर अख्तरुल ईमान की अगुवाई वाली AIMIM और मायावती की BSP ने आरजेडी को समर्थन नहीं दिया, तो विपक्ष के उम्मीदवार की राह कांटों भरी हो सकती है। एनडीए की नजर भी इन विधायकों की चाल पर टिकी है।

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