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बिहार सरकार ने भूमि माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। भूमि एवं राजस्व सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी जिलों में सक्रिय भूमि माफियाओं की सूची तैयार करने और मकर संक्रांति से पहले दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी जैसे लंबित मामलों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि अब राज्य में जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा, और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विजय कुमार सिन्हा ने इस बात का उल्लेख किया कि लंबे समय से बिहार में जमीन से जुड़े गड़बड़ी, फर्जीवाड़ा और अवैध कब्जे की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई बार स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोग और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्तियों द्वारा भूमि माफियाओं को खुला समर्थन दिया जाता है। अब राज्य सरकार इस तरह के लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के लिए तैयार है। मंत्री ने कहा कि कार्रवाई तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी, ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न हो, लेकिन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता इस समय दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी से संबंधित लंबित मामलों को जल्द से जल्द हल करना है, क्योंकि इन प्रक्रियाओं में देरी के कारण आम लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं और कई लोग कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 14 जनवरी, मकर संक्रांति से पहले इन मुद्दों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि दूसरे चरण में सरकार का फोकस सर्वे, सरकारी जमीनों का डाटा बैंक, लैंड बैंक और अतिक्रमण की समस्या पर होगा। इसके तहत सरकारी जमीनों की स्थिति स्पष्ट की जाएगी और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी, खासकर जहां विकास कार्यों में अतिक्रमण बाधा डाल रहा हो। हालांकि, गरीब और जरूरतमंदों के मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, लेकिन भू-माफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी।
मंत्री ने अंत में कहा कि बिहार सरकार भूमि सुधार को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करेगी, ताकि जमीन से जुड़े विवादों का समाधान जल्द से जल्द हो सके और आम लोगों को राहत मिल सके।