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केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और ‘इंडिया’ गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से तेजस्वी यादव पर ‘नौकरी के बदले जमीन’ लेने का आरोप लगाया और ‘इंडिया’ गठबंधन में आंतरिक मतभेद होने का दावा किया। चिराग ने बिहार में बढ़ते अपराधों, बिहार पुलिस की कार्यशैली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
बढ़ते अपराधों पर चिराग का बयान: “जिम्मेदारी तय होनी चाहिए”
बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बिहार पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कुंदन कृष्णन के बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई। चिराग ने वैशाली में हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र किया, जहां एक छोटी बच्ची एक महीने 13 दिन तक लापता रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में स्थानीय प्रशासन की पूरी मिलीभगत है।
चिराग पासवान ने कहा, “एक महीने 13 दिन में आप उस बच्ची को ढूंढ नहीं सकते? क्या ये लोग मोबाइल ट्रैक नहीं कर सकते थे? छोटे अधिकारियों पर गाज गिराई जा रही है, थाना स्तर के अधिकारियों को बर्खास्त किया जा रहा है, जबकि हकीकत ये है कि जितने भी बड़े अधिकारी हैं, वे सब इसमें लिप्त हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक जिम्मेदारी और जवाबदेही तय नहीं होगी, अपराधी घटनाएं इसी तरह घटती रहेंगी।
कांग्रेस के ‘रोजगार मेले’ पर राजद पर हमला: “नौकरी के बदले जमीन हड़प लेंगे”
कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘रोजगार मेले’ के सवाल पर चिराग पासवान ने राजद, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस बेशक रोजगार मेला लगाए, लेकिन जिनके साथ उनके सहयोगी हैं, उन्हें चिंता बढ़ जाती है कि कहीं नौकरी के बदले जमीन न लिखवा लें। क्योंकि जब-जब ये लोग नौकरी देने की बात करते हैं, रोजगार देने की बात करते हैं, लैंड फॉर जॉब हम सब जानते हैं। और अब तो सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश आया, उसमें भी इन लोगों को निराशा ही हासिल हुई है। ऐसे में जब ये लोग दोबारा नौकरी बांटने की बात करते हैं तो न जाने कितने और गरीबों की जमीन ये लोग अपने नाम लिखवाएंगे।”
‘इंडिया’ गठबंधन पर तंज: “भानुमति का खंभा जो बार-बार बिखरता है”
‘इंडिया’ गठबंधन या महागठबंधन पर बयान देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि गठबंधन के लोग एक के बाद एक सहयोगी इनसे दूर हो रहे हैं, चाहे बंगाल के इनके सहयोगी हों या दिल्ली के। चिराग ने तंज कसते हुए कहा, “ये ऐसा भानुमति का खंभा है जो बार-बार बिखरता है।”
प्रधानमंत्री के बचाव में उतरे चिराग: “कानून-व्यवस्था राज्य का विषय”
विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बार-बार सवाल उठाए जाने और यह पूछने पर कि “प्रधानमंत्री वोट मांगने आते हैं तो सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है,” चिराग पासवान प्रधानमंत्री का बचाव करते दिखे। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सौगात लेकर आ रहे हैं, उनकी प्राथमिकताएं अलग हैं। वो बिहार को एक विकसित राज्य बनाने की सोच के साथ काम कर रहे हैं। जहां तक रही लॉ एंड ऑर्डर की बात, ये संघीय ढांचे में, फेडरल स्ट्रक्चर में हर कोई जानता है कि ये केंद्र के विषय में नहीं, ये पूर्णतः राज्य के विषय में आता है, ये राज्य सरकारों के अंतर्गत आता है। ऐसे में प्रधानमंत्री को चिंता नहीं, ये बात कतई जायज नहीं।”
चिराग पासवान ने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे राज्य की कानून-व्यवस्था और पारस हॉस्पिटल में हुई हत्या पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ अभी ये घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने 1998 का जिक्र करते हुए कहा कि उस साल पटना के पीएमसीएच में एक मंत्री की हत्या कर दी गई थी और आज वही विपक्ष सवाल उठा रहा है। हालांकि, चिराग ने पारस हॉस्पिटल की घटना की निंदा करते हुए कहा, “न वो हत्या सही थी, न ये। मैं दोनों की निंदा करता हूं। एक भी हत्या होती है तो प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी होगी।”
ADG के बयान पर भड़के चिराग: “लीपापोती कर रहे हैं”
चिराग पासवान ने बिहार के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के उस बयान पर भी अपनी नाराजगी जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि बरसात से पहले ऐसी घटनाएं होती हैं क्योंकि किसान खाली बैठे रहते हैं। चिराग ने कहा, “ये बयान गलत है। एडीजी इस तरीके का बयानबाजी कतई नहीं कर सकते कि बरसात के पहले इस तरीके की घटना होती है क्यों, क्योंकि किसान खाली बैठा रहता है। भाई, जो अन्नदाता है हमारा, आप उसके ऊपर इस तरीके का आरोप कैसे लगा सकते हैं? एडीजी आरोप नहीं लगा रहे हैं, वो लीपापोती कर रहे हैं। आप अपनी जिम्मेदारियों से भागने का काम कर रहे हैं, जो कि कतई स्वीकार्य नहीं है। आपकी जवाबदेही बनती है, जिम्मेदारी आपको लेनी होगी।”
नीतीश कुमार पर निशाना: “सुरक्षा तो दे दें”
अंत में चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को भी मुस्तैदी से यह सुनिश्चित करना होगा कि और कुछ नहीं तो बिहार में सुरक्षा का भाव, एक ‘सेंस ऑफ सिक्योरिटी’ तो हो। इस बयान का सीधा अर्थ यह था कि चिराग ने नीतीश सरकार पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्होंने बिहार के लिए कुछ नहीं किया, कम से कम सुरक्षा तो दे दें।