बिहार का पहला मॉडर्न श्मशान घाट: पटना में दो तालाबों के बीच उभरी भव्य शिव प्रतिमा…

Ritu Raj

बिहार का पहला मॉडर्न श्मशान घाट पटना के बांस घाट में तेजी से आकार ले रहा है, जहाँ दो विशेष प्रवेश द्वार—‘मोक्ष द्वार’ और ‘बैकुंठ द्वार’ परियोजना का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। इन दोनों प्रतीकात्मक द्वारों के निर्माण से श्मशान परिसर न सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, बल्कि आस्था और परंपरा का अनोखा संगम भी प्रस्तुत करेगा।

बांस घाट के मॉडर्न श्मशान घाट में निर्माण कार्य दिन-रात जारी है। कारीगर लगातार दोनों विशेष प्रवेश द्वार को अंतिम रूप दे रहे हैं। करीब 46.58 फीट ऊंचे इन द्वारों पर कांसे से बने बड़े ‘ॐ’ चिन्ह लगाए जाएंगे, जिससे प्रवेश रास्ता और भी भव्य दिखाई देगा। पटना स्मार्ट सिटी और बुडको मिलकर इस अत्याधुनिक श्मशान घाट का निर्माण करा रहे हैं, जिसकी लागत 89.40 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं, परिसर में दो तालाबों के बीच 12 फीट ऊंची शिव प्रतिमा भी स्थापित कर दी गई है, जिसे तमिलनाडु के आदियोगी की तर्ज पर तैयार किया गया है। जालंधर से आए कारीगरों ने इसे फाइबर मटेरियल से तैयार किया है। अब प्रतिमा के सामने की ओर ग्रीन एरिया विकसित किया जा रहा है, ताकि परिसर का वातावरण शांत और सौम्य बने। विशेष बात यह है कि शिव की जटाओं से बहते पानी का आर्टिस्टिक इफेक्ट और आसपास की लाइटिंग इस पूरे स्थल को और भी आकर्षक बना देगी। वहीं, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए चार इलेक्ट्रिक क्रीमेशन ओवन भी इंस्टॉल कर दिए गए हैं।

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करीब 4.5 एकड़ में फैला यह आधुनिक श्मशान घाट पुराने परिसर से तीन गुना बड़ा है और सुविधाओं के लिहाज से भी अत्यधिक उन्नत होगा। यहां दो वेटिंग हॉल, दो प्रार्थना कक्ष, दो पूजा कक्ष, एक प्रशासनिक भवन, कैंटीन, मंदिर और स्टाफ क्वार्टर की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा परिसर में छह ब्लॉक शौचालय, दो चेंजिंग रूम, 40 वर्ग मीटर का सब-स्टेशन, शवगृह, पर्याप्त पार्किंग, आंतरिक सड़कों के साथ एक प्रभावी पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा। यह पूरा प्रोजेक्ट न केवल अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि परिसर को स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप भी प्रदान करेगा।

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