बिहार में सड़कों का ‘महाजाल’: 120 की रफ्तार और 3 घंटे में पटना, अब अमेरिका जैसी सड़कों पर दौड़ेगी गाड़ियाँ

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की सड़कों पर घंटों तक जाम में फंसने के दिन अब लदने वाले हैं। राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक ऐसा क्रांतिकारी बदलाव आने जा रहा है, जो बिहार की तस्वीर को वैश्विक स्तर पर बदल देगा। नीतीश सरकार और केंद्र के साझा प्रयासों से बिहार में 5 भव्य एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इन सड़कों की गुणवत्ता और तकनीक ऐसी होगी जो सीधे अमेरिका के ‘इंटरस्टेट हाईवे’ को टक्कर देगी। इन एक्सप्रेस-वे के पूरा होने के बाद, राज्य के किसी भी कोने से राजधानी पटना पहुंचना महज 3 से 5 घंटे का खेल रह जाएगा।

रफ्तार का नया रोमांच: 120 किमी/घंटा की स्पीड
ये सभी 5 एक्सप्रेस-वे सिक्स-लेन (6-lane) होंगे, जिन्हें 150 किमी/घंटा की क्षमता के लिए डिजाइन किया गया है, हालांकि सुरक्षा के लिहाज से स्पीड लिमिट 120 किमी/घंटा तय की जाएगी। इन सड़कों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इनमें कोई रेड लाइट या चौराहा नहीं होगा। शहरों और गांवों के ऊपर से एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे सफर बिना किसी रुकावट के पूरा होगा।

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बिहार को बदलने वाले 5 ‘गेम चेंजर’ एक्सप्रेस-वे
आमस-दरभंगा एक्सप्रेस-वे (225 किमी):
यह बिहार का पहला नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर होगा। गया, जहानाबाद और पटना होते हुए यह उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से सीधे जोड़ देगा।

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे (520 किमी): बिहार के 9 जिलों से गुजरने वाला यह रास्ता यूपी और बंगाल को जोड़ेगा। इससे नेपाल सीमा और पुनौरा धाम की दूरी कम हो जाएगी।

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे (700 किमी): बिहार के कैमूर, रोहतास और गया से गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे राज्य को सीधे कोलकाता पोर्ट (बंदरगाह) से जोड़ेगा, जिससे व्यापार में भारी उछाल आएगा।

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे (650 किमी): यह रक्सौल (नेपाल सीमा) को बंगाल के हल्दिया से जोड़ेगा। इसके तहत बेगूसराय-मुंगेर के बीच गंगा पर एक शानदार सिक्स-लेन पुल भी बनेगा।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे (282 किमी): सीमांचल के लोगों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया से पटना का सफर अब सिर्फ 3 घंटे में सिमट जाएगा।

पटना बनेगा कनेक्टिविटी का केंद्र
इन पांचों एक्सप्रेस-वे का केंद्र बिंदु पटना को बनाया गया है। राजधानी को चारों तरफ से जोड़ने के लिए नए रिंग रोड और गंगा पर दो विशाल पुलों का निर्माण किया जा रहा है। जैसे अमेरिका की सड़कों ने वहां की अर्थव्यवस्था को गति दी, वैसे ही ये एक्सप्रेस-वे बिहार में उद्योग, पर्यटन और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए संजीवनी साबित होंगे।

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