सिटी पोस्ट लाइव :जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष को आईना दिखाया है. अब्दुल्ला ने माना कि ‘इंडिया’ गठबंधन की हालत बहुत खराब है. उन्होंने कहा कि हम लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं. कभी-कभी हम उठते हैं मगर बिहार जैसे नतीजों के बाद फिर गिर जाते हैं. उन्होंने बीजेपी की चुनाव लड़ने की शैली की जमकर तारीफ की. अब्दुल्ला के मुताबिक बीजेपी हर चुनाव को जीवन-मरण का सवाल मानकर लड़ती है. वहीं विपक्ष चुनाव के दो महीने पहले जागता है. उन्होंने यह भी माना कि नीतीश कुमार को गठबंधन ने खुद बीजेपी के पास भेजा.
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अब्दुल्ला ने गठबंधन की तुलना बीमार मरीज से की. उन्होंने कहा कि हम एक तरह से लाइफ सपोर्ट पर हैं. कभी कोई सहारा देता है तो हम उठ खड़े होते हैं. लेकिन फिर बिहार जैसे नतीजे आते हैं और हम गिर जाते हैं. फिर किसी को हमें आईसीयू में ले जाना पड़ता है. उन्होंने नीतीश कुमार के मुद्दे पर बड़ा कबूलनामा किया. अब्दुल्ला ने कहा कि हमने खुद नीतीश को एनडीए की गोद में धकेला है. गठबंधन एक राय नहीं बना पाया. बिहार में पार्टी होने के बावजूद झामुमो को सीट शेयरिंग से बाहर रखना भी गलत फैसला था. विपक्षी गठबंधन में रणनीतिक कमियां साफ दिख रही हैं.
उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास कमाल की इलेक्शन मशीन है. यह ताकत सिर्फ पैसों या संगठन से नहीं आती. वे हर चुनाव ऐसे लड़ते हैं जैसे उनकी जिंदगी उस पर टिकी हो. दूसरी तरफ हम ऐसे लड़ते हैं जैसे हमें कोई परवाह ही नहीं है. मोदी और उनकी टीम 24 घंटे राजनीति के मॉडल पर काम करती है. एक चुनाव खत्म होते ही वे अगले क्षेत्र में चले जाते हैं. हम चुनाव से दो महीने पहले उन राज्यों में कदम रखते हैं. अगर हम नामांकन से पहले गठबंधन कर लें तो खुद को लकी मानते हैं.
अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस के इर्द-गिर्द एकजुट होना होगा. क्षेत्रीय पार्टियों की अपनी भौगोलिक सीमाएं हैं. सिर्फ कांग्रेस की मौजूदगी पूरे देश में है. इसलिए उसे ही लीड करना होगा. मुस्लिम वोटर्स पर उन्होंने पार्टियों को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को हल्के में लेना गलती थी. पार्टियां केवल चुनाव के वक्त उनसे संवाद करती हैं. इसका फायदा एआईएमआईएम जैसी पार्टियों को मिल रहा है. वे पूरे पांच साल उनके मुद्दों पर बात करते हैं.: अब्दुल्ला ने 2024 के नतीजों पर कहा कि जनता ने संदेश दिया कि सब कुछ ठीक नहीं है. लेकिन चुनाव के बाद केंद्र सरकार ने अपना एप्रोच बदला है. अब वे बीजेपी सरकार की जगह ‘एनडीए सरकार’ शब्द यूज करते हैं. पीएम मोदी अब सहयोगियों को साथ लेकर चल रहे हैं. हमें शायद ही याद आता है कि यह गठबंधन सरकार है. उन्होंने काम करने के तरीके को नया रूप दिया है. यह छोटे बदलाव हैं लेकिन इनका महत्व बहुत ज्यादा है.