BPSC री-एग्जाम पर आज पटना HC में सुनवाई,कल अभ्यर्थियों ने किया 8 घंटे प्रदर्शन.

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव : आज का दिन BPSC अभ्यर्थियों के लिए बेहद खास है.BPSC  70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग वाली याचिका पर आज पटना हाईकोर्ट में सुनवाई  होगी.16 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 30 जनवरी से पहले BPSC को एफिडेविट देने को कहा था. इसके साथ ही BPSC 70वीं PT पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज समेत कई अन्य याचिकाएं BPSC 70वीं PT री-एग्जाम को लेकर पटना हाईकोर्ट में दायर की गई है. इसे अब एक साथ जोड़ दिया गया है.

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जनसुराज के अलावा पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और खान सर की ओर से भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. इसमें री-एग्जाम कराने और प्रदर्शनकारी अभ्यथियों के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने की मांग की गई है. बिहार लोक सेवा आयोग ने 70वीं संयुक्त प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा के लिए 23 सितंबर 2024 को एक विज्ञापन प्रकाशित किया था. 13 दिसंबर को राज्य भर में 912 परीक्षा केंद्रों एग्जाम ली गई. इसमें से एक परीक्षा केंद्र बापू परीक्षा परिसर, पटना में लगभग 12,000 उम्मीदवार उपस्थित थे.

अभ्यर्थियों का आरोप है कि  प्रश्न पत्र लीक हो गया था. कई उम्मीदवारों को प्रश्न पत्र नहीं दिए गए थे और प्रश्न पत्र 13 दिसंबर को लगभग दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर सोशल मीडिया पर भी प्रसारित किए गए थे.  पैराग्राफ 8 का हवाला देते हुए वकील ने कहा अनियमितताएं केवल बापू परीक्षा परिसर तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि लगभग 28 अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर भी हुई हैं. जिसकी रिपोर्ट उन परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों ने दी हैं.परीक्षा से सिर्फ एक दिन पहले आयोग ने अभ्यर्थियों के केंद्र बदल दिए, जिससे यह भी पता चलता है कि आयोग के पास इस तरह की सामूहिक परीक्षा के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं. आयोग ने इस आधार पर कि बापू परीक्षा परिसर में कुछ अनियमितताएं पाई गई थीं.

बापू परीक्षा परिसर  की परीक्षा रद्द कर दी और 4 जनवरी को री-एग्जाम आयोजित की गई, जो भी स्वीकार्य नहीं है. यह भी पाया गया कि कुछ केंद्रों पर जैमर भी पूरी परीक्षा अवधि के दौरान काम नहीं कर रहे थे. यह पाया गया कि SOP में निर्धारित प्रक्रिया का भी आयोग द्वारा पालन नहीं किया गया. इस मामले में आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह 13 दिसंबर और 4 जनवरी को आयोजित की गई परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित नहीं करें. वकील ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग -बनाम- सुभाष चंद्र दीक्षित के फैसलों का हवाला दिया.

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