दिवाली के जश्न के बाद दिल्ली की हवा जानलेवा साबित हो रही है। राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जबकि सोमवार शाम चार बजे AQI 345 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, यह दिवाली की रात पिछले चार सालों में सबसे प्रदूषित रही।
बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम चार बजे राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 345 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। दिवाली की रात यह पिछले चार सालों में सबसे प्रदूषित साबित हुई, जबकि साल 2024 में दिवाली के समय AQI 330, 2023 में 218, 2022 में 312 और 2021 में 382 था। राजधानी के कई इलाके 400 के पार AQI दर्ज कर रहे हैं, जिससे सांस लेना खतरनाक हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, राजधानी की हवा में यह प्रदूषण ऐसा है जैसे हर व्यक्ति रोजाना 11 सिगरेट पी रहा हो। मतलब सिर्फ 24 घंटे में हवा में मौजूद PM 2.5 का स्तर 11 सिगरेट के बराबर है, और अगर एक हफ्ते का हिसाब लगाया जाए तो यह 78 सिगरेट के बराबर होगा।
दिल्ली के 38 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सेंटर में से 34 सेंटर में प्रदूषण का स्तर ‘रेड’ जोन में दर्ज किया गया। वजीरपुर में AQI लेवल 423 पार कर गया, जबकि द्वारका में 417, आनंद विहार में 404 और अशोक विहार में 402 दर्ज किया गया। राजधानी के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में है। ऐसे में फिल्टर मास्क का उपयोग जरूर करें, बाहर की गतिविधियाँ कम करें और संवेदनशील समूह जैसे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग घर के अंदर रहें।