CM के गाँव कल्याण बिगहा में आज दिनभर चला हाई-वोल्टेज ड्रामा.

Manisha Kumari

सिटी पोस्ट लाइव :आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गाँव कल्याण बिगहा में सुबह से लेकर शाम तक हाई-वोल्टेज पोलिटिकल ड्रामा चलता रहा.सुबह सुबह ही पुलिस ने पुरे गाँव की किलाबंदी कर दी थी.कहीं पुलिस जिप्सी सड़क पर आड़े तिरछी लगाकर पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया था.गाँव में जानेवाले तमाम रास्तों पर पुलिस के जवान तैनात थे.डीएसपी और एसडीम लगातार गाँव के चारों तरफ चक्कर लगा रहे थे.ऐसा लग रहा था चूहा बिल्ली का खेल चल रहा हो.

1 बजे तक जन सुराजी कल्याण बिगहा  गाँव के बॉर्डर पर पहुँच गए.पुलिस ने उन्हें रोक दिया.फिर क्या था शुरू हो गई जन सुराजी और पुलिसवालों के बीच बकझक.थोड़ी देर में दीस्पी भी पहुँच गए.उन्होंने जन सुराजियों को समझाया-आप गावं में नहीं जा सकते.आपकी पार्टी ने गाँव में कार्यक्रम करने का परमिशन नहीं लिया है.जन सुराजियों की दलील थी कि किसी गाँव में जाने के लिए परमिशन की क्या जरुरत.एसडीम ने समझाया-जरुरत है क्योंकि आप एक राजनीतिक दल के लोग हैं.सैकड़ों की संख्या में हैं.गाँव में आपके जाने के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति ख़राब हुई तो कौन जिम्मेवार होगा.

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जन-सुराजी गाँव के बाहर मंडराते रहे लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली.फिर सभी भागे उस तरफ जिस तरफ से प्रशांत किशोर आ रहे थे.गाँव से तीन किलो मीटर दूर प्रशांत किशोर का काफिला रुका.कार्यकर्ताओं ने फूल माला से प्रशांत किशोर का स्वागत किया.फिर प्रशांत किशोर यहाँ से कल्याण बिगहा के लिए निकले .लेकिन अचानक कहाँ गायब हो गए,किसी को पता नहीं चला.एक घंटे तक एसडीम बेचारे गावं के चारों तरफ चक्कर लगाते रहे लेकिन प्रशांत किशोर कहीं नजर नहीं आये.

एक घंटे बाद जब गावं में घुसने का रास्ता नहीं मिला तो प्रशांत किशोर अचानक प्रकट हुए फिर क्या था एसडीम सामने आ गए. रास्ता रोक दिया. सीएम नीतीश के गांव में उनको रोके जाने पर एसडीएम के साथ प्रशांत किशोर की तीखी बहस हुई. पीके ने एसडीएम को जमकर सुनाया.प्रशांत किशोर ने अफसर से कहा कि क्या आप मुझे गांव में घुसने से रोकेंगे? क्या मुझे गांव में जाने के लिए आपकी अनुमति की जरूरत है?

पीके ने कहा कि जब मैं दूसरे गांवों में गया था तो क्या वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं थी? मैं चाहता हूं कि आप लिखकर दें, फिर मैं वापस आ चला जाऊंगा. क्या आप लोगों को इकट्ठा करके मुझे धमका रहे हैं? आप नेता बनना चाहते हैं?प्रशांत किशोर ने एसडीएम से कहा कि आपसे ज्यादा पढ़े-लिखे हमारे साथ हैं. हम कानून का पालन करने वाले लोग हैं.बहस के दौरान प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि नए अफसर बने हो इत्मीनान से रहो. रोकने का कारण लिखकर दोगे तो नौकरी चली जाएगी.लाख कोशिश के वावजूद प्रशांत किशोर को गाँव में घुसाने की अनुमति नहीं मिली और लौट गए.

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