बजट में समावेशी विकास बनाए रखने व निवेश बढ़ाने का लक्ष्य : वित्त मंत्री

निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया नया इनकम टैक्स बिल 2025

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव
नयी दिल्ली ।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नये इनकम टैक्स बिल 2025 को लोकसभा में पेश कर दिया। यह बिल पुराने आयकर कानून से काफी अलग है। इस बिल के तहत टैक्स फाइलिंग से जुड़ी जटिलताओं को खासतौर पर कम करने की कोशिश की गई है। निर्मला सीतारमण ने सदन में इस बिल को पेश करते हुए कहा कि नये बिल के तहत शब्दों की संख्या को घटाई गई है। लोकसभा में पेश किए गए इस नए बिल में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इनकम टैक्स एक्ट 2025 पहले से सरल, पारदर्शी और टैक्सपेयर के अनुकूल बनाने का दावा किया गया है।

बता दें कि बीते दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करते समय इस बात का ऐलान किया था कि केंद्र सरकार नए आयकर बिल लेकर आ रही है। कहा जा रहा है कि नए बिल के कानून बनते ही अंग्रेजों के जमाने के ऐसे कई शब्दों का इस्तेमाल भी बंद हो जाएगा। इन शब्दों का इस्तेमाल बीते 60 साल से किया जा रहा है। साथ ही इनकम टैक्स के नियमों में इस्तेमाल की भाषा को भी सरल बनाया जाएगा ताकि कोई भी आम इंसान इसे आसानी से समझ सके।

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आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश करने के दौरान बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि अब 12 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों को कोई टैक्स देना नहीं पड़ेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 लाख रुपये तक की कमाई वाले लोगों को टैक्स में ये छूट देकर सबको चौंका दिया था। आम बजट के बाद निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ये काफी सोच-विचार कर लिया गया फैसला है।

क्या कुछ नया होगा

  • नए टैक्स नियमों बिल के पारित होने के बाद कई नए शब्दों का चलन बढ़ जाएगा। जैसे पहले फाइनेंशियल ईयर, प्रीवियस ईयर, असेसमेंट ईयर और ऐसे ही कई शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। वहीं अब इनकी जगह टैक्स ईयर के शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे टैक्सपेयर्स को समझने में आसानी होगी।
  • नए बिल के तहत छूट से लकर नए नियमों को अलग-अलग सेक्शन में विस्तार से बताया गया है। नए बिल के तहत कुल 536 सेंक्शन, 16 अनुसूचियां और कुल 23 चैप्टर्स हैं।
  • मौजूदा कानून में कुल 14 अनुसूचियां हैं लेकिन अब नए बिल में इसकी संख्या को बढ़ाकर 16 कर दिया गया है।
  • सरकार ने नए आयकर विधेयक 2025 को अप्रैल 2026 से तक लागू करने का प्रस्ताव दिया है। यानी ये साफ है कि नया कानून 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है।
  • नए कानून के तहत टोटल इनकम कैलकुलेशन के लिए होम प्रॉपर्टी और कैपिटल गेन से इनकम समेत कुछ धाराओं या अनुसूचियों के तहत कोई छूट या कटौती नहीं होगी।
  • नए कानून के तहत डिफेंस सर्विस जैसे आर्मी, पैरा फोर्स और अन्य कर्मचारियों को मिले ग्रेच्युटी को टैक्स से छूट दी जाएगी। मेडिकल, होम लोन, पीएफ, हायर एजुकेशन जैसे लोन्स पर टैक्स छूट जारी रखी गयी है।
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