अक्सर पार्टियों या महफिलों में यह सलाह दी जाती है कि अगर नशा ज्यादा हो जाए, तो ‘नींबू चाट लो’ या ‘नींबू पानी पी लो’। लोग मानते हैं कि नींबू का खट्टापन शराब के असर को काट देता है। लेकिन क्या विज्ञान भी ऐसा ही मानता है? आइए हकीकत समझते हैं।
सच तो यह है कि दुनिया की कोई भी खाने-पीने वाली चीज आपके खून में मौजूद अल्कोहल को जादुई तरीके से तुरंत खत्म नहीं कर सकती। जब आप शराब पीते हैं, तो आपका लीवर उसे एसिटैल्डिहाइड (एक जहरीला तत्व) में तोड़ता है। लीवर शराब को प्रोसेस करने के लिए एक निश्चित समय लेता है। नींबू कितना भी खट्टा क्यों न हो, वह लीवर की इस ‘मेटाबॉलिज्म’ की गति को तेज नहीं कर सकता। शराब को शरीर से पूरी तरह बाहर निकालने का काम सिर्फ ‘समय’ ही कर सकता है।
नींबू फिर मदद कैसे करता है?
भले ही नींबू नशे को तुरंत खत्म न करे, लेकिन यह शरीर के लिए एक ‘सपोर्ट सिस्टम’ की तरह काम करता है। शराब लीवर की कोशिकाओं पर दबाव (Oxidative Stress) डालती है। नींबू में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स इस तनाव को कम करने और लीवर को रिकवर करने में मदद करते हैं। शराब एक ‘डाइयूरेटिक’ है, यानी यह शरीर से पानी बाहर निकालती है जिससे डिहाइड्रेशन होता है। नींबू पानी पीने से शरीर में फ्लूइड्स और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी होती है, जो हैंगओवर के सिरदर्द को कम करने में सहायक है। नींबू का तीखा स्वाद हमारी नसों को अचानक सक्रिय कर देता है। इससे दिमाग को एक झटका सा लगता है और व्यक्ति थोड़ी देर के लिए खुद को अधिक सतर्क महसूस कर सकता है।