सावधान! पटना में LPG सिलेंडर के लिए अभी करना होगा लंबा इंतजार, प्रशासन के दावों की खुली पोल…

Ritu Raj

पटना में एलपीजी आपूर्ति को लेकर प्रशासन के दावों और जमीनी स्थिति के बीच स्पष्ट अंतर देखने को मिल रहा है। एक ओर जिला प्रशासन यह कह रहा है कि गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है, वहीं दूसरी ओर आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब भी सिलेंडर के लिए इंतजार कर रहे हैं।

ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, कुल लंबित (पेंडिंग) एलपीजी ऑर्डरों की संख्या बढ़कर 1,69,372 हो गई है। यह आंकड़ा सप्लाई सिस्टम पर बढ़ते दबाव को दर्शाता है। तीन प्रमुख तेल कंपनियों में सबसे अधिक दबाव Indian Oil Corporation Limited (IOCL) पर है, जहां 1,21,810 ऑर्डर लंबित हैं। इसके अलावा Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) में 32,651 और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) में 14,911 सिलेंडर अभी तक डिलीवर नहीं हो पाए हैं।

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हाल के आंकड़े बताते हैं कि बुकिंग की तुलना में डिलीवरी की रफ्तार धीमी है। एक दिन में 23,993 बुकिंग के मुकाबले 20,847 सिलेंडर सप्लाई किए गए, जबकि वास्तविक डिलीवरी इससे भी कम, यानी 15,431 रही। इसी वजह से पेंडिंग लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले एक सप्ताह के आंकड़े भी स्थिति को स्पष्ट करते हैं कि हर दिन नए ऑर्डर जुड़ रहे हैं, लेकिन आपूर्ति उतनी तेजी से नहीं हो पा रही।

1 अप्रैल: 1,42,106
2 अप्रैल: 1,60,564
3 अप्रैल: 1,67,319
4 अप्रैल: 1,71,361
5 अप्रैल: 1,75,042
6 अप्रैल: 1,63,437
7 अप्रैल: 1,69,372

इस बढ़ते दबाव का एक कारण नए कनेक्शनों में वृद्धि भी है। पटना में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 16.65 लाख से अधिक हो चुकी है। हाल ही में GAIL (India) Limited के तहत 20 मार्च से 6 अप्रैल के बीच 1,024 नए कनेक्शन जोड़े गए, जबकि 7 अप्रैल को 32 और कनेक्शन दिए गए। प्रशासन का दावा है कि रोजाना 25 से 30 हजार सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं, जबकि बुकिंग 20 से 25 हजार के बीच है। यदि यह संतुलन सही होता, तो पेंडिंग कम होनी चाहिए थी, लेकिन आंकड़े इसके विपरीत स्थिति दिखाते हैं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सख्ती भी बढ़ाई है। अब तक 723 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 121 सिलेंडर जब्त हुए और 22 एफआईआर दर्ज की गई हैं। साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर बार-बार बुकिंग न करें और घर बैठे ही सिलेंडर बुक करें। हालांकि “लाइन में मत लगिए” जैसी अपीलों के साथ-साथ पेंडिंग ऑर्डरों का लगातार ऊंचा आंकड़ा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

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