बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ाकर Z+ किए जाने और उनके संभावित दिल्ली सफर को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इस मुद्दे पर सुनील सिंह ने सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुरक्षा बढ़ाने पर उठे सवाल;
आरजेडी नेता सुनील सिंह का दावा है कि मुख्यमंत्री को Z+ सुरक्षा देने के पीछे सिर्फ सुरक्षा कारण नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे एक राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि आम लोग या पार्टी के अंदर के लोग मुख्यमंत्री तक सीधे न पहुंच सकें और वे खुलकर अपनी बात न रख सकें। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नेता तेजस्वी यादव पहले ही इस तरह की आशंका जता चुके हैं कि नीतीश कुमार को “अलग-थलग” करने की कोशिश हो रही है।

जेडीयू नेताओं पर भी निशाना;
सुनील सिंह ने मुख्यमंत्री के करीबी और मंत्री अशोक चौधरी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भावुकता दिखाना महज दिखावा है और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, सरकार के कुछ मंत्री सिर्फ छवि बनाने में लगे रहते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर काम और पारदर्शिता की कमी है।
नालंदा कार्यक्रम को लेकर सवाल;
सुनील सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नालंदा दौरे के दौरान नीतीश कुमार की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि आमतौर पर मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने इसे “प्रोटोकॉल का उल्लंघन” बताते हुए इसकी जांच की मांग की और सवाल किया कि क्या अलग-अलग नेताओं के लिए अलग नियम हैं।
आर्थिक स्थिति और रिपोर्ट का हवाला;
सुनील सिंह ने नीति आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और इसी आधार पर विपक्ष सरकार की आलोचना करता रहा है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य की स्थिति खराब है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए, न कि सच्चाई छिपानी चाहिए।
चंदे और भ्रष्टाचार के आरोप;
जेडीयू पर हमला तेज करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता खुद को सादगी का प्रतीक बताते हैं, लेकिन उनके पास बड़ी संपत्ति है। उन्होंने पार्टी के फंडिंग स्रोतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदस्यता अभियान के नाम पर बड़े पैमाने पर धन जुटाया जाता है। सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जेडीयू कथित तौर पर बीफ कारोबार से जुड़ी कंपनियों से भी चंदा लेती है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया, लेकिन दावा किया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पास सबूत मौजूद हैं।
राजनीतिक माहौल गरम;
सुनील सिंह के इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति और गर्मा गई है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से इन आरोपों का जवाब आना अभी बाकी है। कुल मिलाकर, सुरक्षा, प्रोटोकॉल और फंडिंग जैसे मुद्दों को लेकर राज्य में सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।