मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को ‘संकल्प’, अणे मार्ग में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और निगरानी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि विभागीय कार्यों को बेहतर ढंग से क्रियान्वित किया जाए और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने विभाग के कार्यों का विस्तृत और अद्यतन प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग संवेदनशील, सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा रहा है। उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य न्यायपूर्ण विकास के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति को सख्ती से लागू कर राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सुशासन और पारदर्शिता के सिद्धांतों के साथ सरकार की योजनाओं को लागू किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को उसका सीधा और त्वरित लाभ मिल सके। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह और विभाग के विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे एवं अरविंद कुमार वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हालांकि, नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार राज्य के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वे विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों को उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दे रहे हैं। बीते बुधवार को उन्होंने दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर और शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के निर्माण स्थल का दौरा कर काम की प्रगति की समीक्षा की और कार्यों को तेजी से पूरा करने का आदेश दिया।