सिटी पोस्ट लाइव
पटना। वक़्फ़ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर देश में चल रहे विरोध प्रदर्शन और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यह बिल पूरी तरह पारदर्शिता और अल्पसंख्यकों के हित में है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष बार-बार जनकल्याणकारी कानूनों के खिलाफ अफवाहें फैलाकर समाज को गुमराह करता है। चिराग पासवान ने समस्तीपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “हर बार जब केंद्र सरकार ऐसा कोई कदम उठाती है जो देश के कमजोर तबकों को अधिकार दिलाने वाला होता है, विपक्ष उसका विरोध करने लगता है।
चाहे वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) रहा हो या अब वक़्फ़ संशोधन बिल – इन सभी मामलों में विपक्ष का एक ही उद्देश्य रहा है: लोगों के मन में डर और भ्रम पैदा करना। उन्होंने आगे कहा कि वक़्फ़ बिल में ऐसे संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं जो वक़्फ़ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकेंगे और उसकी पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। “हमने देखा है कि देशभर में वक़्फ़ की हजारों संपत्तियाँ ऐसे लोगों के कब्जे में हैं जो न तो नियमों का पालन करते हैं और न ही उसका उपयोग समाज के हित में करते हैं। यह विधेयक उसी व्यवस्था में सुधार लाने की दिशा में एक मजबूत पहल है,” उन्होंने बताया।
चिराग पासवान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष का एकमात्र काम अब यही रह गया है कि वो हर जनहितकारी योजना या कानून को लेकर जनता में झूठी कहानियाँ फैलाए। CAA के समय भी ऐसा ही किया गया था – महीनों तक ये कहा गया कि ये कानून मुसलमानों की नागरिकता छीन लेगा, जबकि वास्तविकता यह है कि यह कानून उन देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का था, जहां वे धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किए जा रहे थे।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन जब इस अधिकार का इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने के लिए किया जाए, तो वह लोकतांत्रिक भावना के विरुद्ध है। चिराग ने वक़्फ़ बिल पर मचे राजनीतिक घमासान को “राजनीतिक स्वार्थ” से प्रेरित बताया और कहा कि यह विधेयक किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था को साफ-सुथरा और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक कदम है। “विपक्ष नहीं चाहता कि वक़्फ़ संपत्तियों की जांच हो, उन्हें लगता है कि इससे उनके हित प्रभावित होंगे। लेकिन सरकार किसी दबाव में नहीं झुकेगी,” उन्होंने दोहराया।
नीतीश कुमार की भूमिका की तारीफ करते हुए पासवान ने कहा कि “बिहार के मुख्यमंत्री ने हमेशा अल्पसंख्यकों और सामाजिक न्याय के पक्ष में निर्णय लिए हैं। जो नेता आज नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। बिल के कारण जेडीयू में मचे अंतर्विरोध और कुछ मुस्लिम नेताओं के पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, “जिन्होंने पार्टी छोड़ी है, वे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित थे। इसका विधेयक से कोई लेना-देना नहीं है।
और यह कहना कि इससे चुनाव में असर पड़ेगा, पूरी तरह गलत है – जनता समझदार है और वो सच्चाई को समझती है। चिराग पासवान ने अंत में कहा, “विपक्ष भले कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन हम समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। वक़्फ़ संशोधन बिल सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और आने वाले समय में लोग स्वयं इसके लाभ को अनुभव करेंगे।”