सिटी पोस्ट लाइव
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को सीमावर्ती जिले पूर्णिया का दौरा किया और वहां एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था, आपात प्रबंधन और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बैठक की शुरुआत में अधिकारियों से मौजूदा हालात की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों के सभी जिलाधिकारी और एसपी अलर्ट मोड में रहें और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या गलत सूचना पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
सोशल मीडिया और पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को सोशल मीडिया पर नजर रखने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि संवेदनशील पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत एक्शन लिया जाए। इसके साथ ही, पुलिस पेट्रोलिंग को नियमित और गहन बनाने का आदेश भी दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सौहार्द पर फोकस
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त दवाइयाँ, मेडिकल स्टाफ और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर संवाद और निगरानी मजबूत की जाए।
बैठक में शामिल रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
बैठक में बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी, सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। सभी ने मुख्यमंत्री को अपनी तैयारियों की जानकारी दी और ज़मीनी स्थिति से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार की यह सक्रियता सीमावर्ती जिलों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।