बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी ने अपने जिलाध्यक्षों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। 61 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी केवल छह सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई। अब हार का विश्लेषण करते हुए कांग्रेस ने 15 जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी किया है, जिससे संगठन में समीक्षा और अंदरूनी गहन जांच का संकेत मिला है।
दरअसल, बीते सोमवार (01 दिसंबर, 2025) पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस की ओर से चुनावी हार की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में 15 जिलाध्यक्ष अनुपस्थित रहे, जिसके कारण पार्टी ने इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि एक दिसंबर को आयोजित बैठक में उनकी गैरमौजूदगी का कारण क्या था। वहीं, इन जिलाध्यक्षों में पश्चिमी चंपारण के प्रमोद सिंह पटेल, पूर्वी चंपारण के ई. शशिभूषण राय, अररिया के शाद अहमद, मधुबनी के सुबोध मंडल, कटिहार के सुनील यादव, पटना ग्रामीण-2 के गुरुजीत सिंह, पटना ग्रामीण-1 के उदय चंद्रवंशी, सुपौल के राज नारायण गुप्ता, भागलपुर के परवेज आलम, जमुई के अनिल कुमार सिंह, बक्सर के मनोज पांडेय, गया के उदय मांझी, लखीसराय के अरविंद कुमार, मुंगेर के इनामुल हक और शेखपुरा के रौशन कुमार शामिल हैं।
हालांकि, पार्टी कार्यालय सचिव नलिन कुमार ने 15 जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी किया है और कहा कि अनुपस्थित रहने का ठोस कारण न बताने पर पार्टी उनके खिलाफ कड़ा कदम उठा सकती है। यह बैठक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश प्रभारी अल्लावरू, शकील अहमद खान और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। बैठक में चुनावी हार का विश्लेषण किया गया और उपस्थित नेताओं से फीडबैक लिया गया, ताकि भविष्य में रणनीति सुधार और संगठनात्मक मजबूती लाई जा सके।