सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट का प्रारूप जारी कर दिया है। इसे सभी राजनीतिक दलों के केंद्रीय कार्यालयों को भी सौंप दिया गया है। आज से इसे लेकर कैंप भी लगाए जाएंगे, लेकिन इस मुद्दे पर बिहार की सियासत में पहले से ही बवाल मचा हुआ है और अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर और भी तेज हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने इस मामले पर महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग फर्जी हैं, वे बाहर होंगे और जो सही हैं, वे लिस्ट में रहेंगे। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के लोग सिर्फ हंगामा कर रहे हैं और राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि चुनाव आयोग अपना काम निष्पक्षता से कर रहा है।
वहीं, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी हंगामे को लेकर महागठबंधन को घेरा। उन्होंने कहा कि “हंगामा बरपाना इन लोगों का काम है।” नीरज कुमार ने भी कहा कि फर्जी लोग बाहर होंगे और इस मामले पर माननीय न्यायालय में सुनवाई भी होनी है, जो अगस्त में होगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कोई दिक्कत है, वे आज से अपनी शिकायत और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं, इसमें कोई गलत बात नहीं है।
इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि “दूध का दूध और पानी का पानी कब होगा, यह तो आने वाला समय बताएगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने किस तरह का फर्जीवाड़ा किया है, यह भी जल्द ही सामने आ जाएगा और सभी को सच जानने के लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए।
वोटर लिस्ट जारी होने के साथ ही इस पर विवाद और गहरा गया है। महागठबंधन ने पहले ही इसे लेकर रैलियां और यात्राएं निकालने की बात कही है। दूसरी ओर, बीजेपी और जेडीयू का कहना है कि सभी को इंतजार करना चाहिए क्योंकि सच्चाई सामने आएगी और कोर्ट भी इस मामले को देख रहा है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है, जिस पर कई तरह के राजनीतिक दांव-पेंच देखने को मिल सकते हैं।