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बांका जिले में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं, और इसी बीच प्रशांत किशोर की पार्टी, जन सुराज, ने ज़ोर-शोर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। पार्टी ने बांका की हर विधानसभा सीट पर अपने संभावित उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है, जिन्होंने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सबसे खास बात यह है कि इस पार्टी में सबसे ज़्यादा जुड़ाव उन नेताओं का दिख रहा है, जो पहले जदयू और राजद जैसे बड़े दलों से जुड़े थे।
बांका जिले में जन सुराज की चुनावी तैयारी तेज़
प्रशांत किशोर, जिन्हें पीके के नाम से भी जाना जाता है, बांका जिले के विभिन्न हिस्सों जैसे बांका, अमरपुर, बेलहर, धोरैया और चांदन में चुनावी सभाएं कर चुके हैं। इन सभाओं के बाद, पार्टी ने हर विधानसभा क्षेत्र में दो से तीन मज़बूत दावेदारों की एक टीम तैयार की है। हालांकि, अभी तक किसी भी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मैदान में सक्रियता से यह साफ है कि चुनावी बिसात बिछाई जा चुकी है। जन सुराज पार्टी पंचायत प्रतिनिधियों और पुराने राजनेताओं को साथ लेकर आगे बढ़ रही है, जो बिहार की ग्रामीण राजनीति में एक अहम रणनीति मानी जा रही है।
विभिन्न विधानसभा सीटों पर प्रमुख दावेदार
बांका विधानसभा सीट
इस सीट पर खड़हरा पंचायत के दो बार मुखिया रह चुके काशीनाथ चौधरी सबसे आगे चल रहे हैं। उनका पहले सांसद दिग्विजय सिंह और गिरिधारी यादव के साथ क़रीबी संबंध रहा है। इनके अलावा, पूर्व जिला परिषद सदस्य रणधीर यादव और अविनाश यादव भी इस दौड़ में शामिल हैं, जिनका पहले राजद से गहरा जुड़ाव रहा है।
अमरपुर विधानसभा सीट
अमरपुर में जदयू से निष्कासित किए गए नेताओं का जन सुराज में शामिल होना एक बड़ा संकेत है। इनमें लंबे समय तक जदयू से जुड़े रहे पंकज दास और वर्तमान जिला पार्षद सुजाता बैध प्रमुख हैं। पंकज दास जदयू में महासचिव से लेकर उपाध्यक्ष तक के पद पर रह चुके हैं। वहीं, सुजाता महिला मोर्चा की अध्यक्ष रही हैं। पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते दोनों को जदयू से बाहर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने जन सुराज का दामन थामा।
बेलहर विधानसभा सीट
बेलहर में चांदन प्रखंड के प्रमुख रवीश कुमार को सबसे मज़बूत दावेदार माना जा रहा है। उनके साथ-साथ सीपीआई से जुड़े दशरथ ठाकुर, आशा पार्टी के ब्रजकिशोर पंडित और भाजपा के अभिनय सिंह भी टिकट की दौड़ में हैं। सभी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
कटोरिया और धोरैया (सुरक्षित सीट)
कटोरिया (एसटी आरक्षित) से अलका सिंह और अधिक लाल मरांडी जैसे नाम सामने आए हैं। वहीं, धोरैया (सुरक्षित) से रजौन के जिला पार्षद सुमन कुमार पासवान और दो बार मुखिया रह चुके मनोज दास जैसे नेता सक्रिय हैं। सुमन पासवान पहले प्रखंड प्रमुख भी रह चुके हैं।
कुल मिलाकर, जन सुराज की रणनीति साफ है कि वह पुराने और अनुभवी नेताओं को अपने साथ जोड़कर ज़मीन स्तर पर अपनी पैठ बनाना चाहती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में कितना प्रभाव डाल पाती है। फिलहाल बांका जिले में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है, और जन सुराज की सक्रियता ने अन्य दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।