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पटना : प्रशांत किशोर के बेहद करीबी और जनसुराज में नंबर दो पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा ने आज बक्सर में ऐसा इशारा दे दिया है जिससे जनसुराज में बेचैनी और बढ़ गई है। आनंद मिश्रा ने कहा है कि मैं जन सुराज के लिए आईपीएस की नौकरी छोड़कर नहीं आया था। मैं कुछ ठोस काम करने के लिए आया था, और वह मैं करके रहूंगा। पहले से ही इस बात की चर्चा सियासी गलियारों में थी कि भारतीय जनता पार्टी आनंद मिश्रा के संपर्क में है, और आनंद मिश्रा बीजेपी के टिकट पर इस बार बक्सर से चुनाव लड़ सकते हैं। अब आनंद मिश्रा ने आज बक्सर में जिस तरह से आभार मिलन समारोह किया और इससे जनसुराज पार्टी के बैनर-पोस्टर को बिलकुल अलग रखा, उससे ऐसे कयासों को और ताकत मिल रही है। जनसुराज के कार्यकर्ता और नेता भी इसे लेकर कंफ़्यूज़ हैं कि आनंद मिश्रा पार्टी में रहेंगे या बीजेपी का रुख करेंगे। सबसे हैरत की बात यह है कि इसका आनंद मिश्रा जोरदार खंडन नहीं कर रहे, कभी हंसकर टाल दे रहे हैं, कभी सिर्फ़ एक लाइन कह रहे हैं कि ऐसी बात नहीं है। आनंद मिश्रा ने कहा है कि आज बक्सर के नगर भवन में आभार मिलन समारोह से जनसुराज के बैनर को इसलिए दूर रखा गया, क्योंकि उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और यह कार्यक्रम उन मतदाताओं को धन्यवाद देने का कहा था जिन्होंने उन्हें सपोर्ट किया था, लेकिन उनकी यह बात किसी को हज़म नहीं हो रही। जनसुराज और बीजेपी दोनों में ही यह चर्चा जोरों पर है कि बीजेपी उन्हें विधानसभा चुनाव में बक्सर से उतार सकती है। हम आपको सुनाते हैं आनंद मिश्रा ने क्या कुछ कहा। तो सुना आपने कि कैसे आनंद मिश्रा संकेतों में बात कर रहे हैं। आनंद मिश्रा का ऐसे संकेतों में बात करना जनसुराज के लिए सही संकेत नहीं है।
क्या बीजेपी में फ़ाइनल हो गई पूर्व IPS आनंद मिश्रा की बात? खुद ही किया इशारा!