पटना: नालंदा जिले के रहुई प्रखंड के शिवनन्दन नगर में पासवान समुदाय के गरीब और वंचित परिवारों के घरों पर प्रशासन द्वारा अचानक बुल्डोज़र कार्रवाई किए जाने के विरोध में बिहार कांग्रेस के नेतृत्व में इन्कम टैक्स गोलम्बर, पटना में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना/प्रदर्शन आयोजित किया गया।
दरअसल, धरना आयोजक आदित्य पासवान ने कहा कि शिवनन्दन नगर में हुई यह कार्रवाई न केवल संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा पर सीधा हमला भी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार खबरें मिल रही हैं कि दलित, महादलित और अतिपिछड़ा समुदाय पर अत्याचार, हिंसा और प्रशासनिक दमन तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, धरना में शामिल लोगों ने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। और दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील की है। साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा की व्यवस्था की भी मांग की गई। आयोजकों ने पूरे बिहार में दलित, महादलित और अतिपिछड़ा समुदाय के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर राज्य-स्तरीय मॉनिटरिंग तंत्र स्थापित करने और प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही स्पष्ट किया है कि यह धरना पूरी तरह अहिंसक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण है। उनका कहना था, “हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय, भेदभाव और संवैधानिक मूल्यों के हनन के खिलाफ है।”
हालांकि, धरने में न्यायप्रिय नागरिकों, सामाजिक संगठनों, छात्र-युवा साथियों और मानवाधिकार समूहों से इस आंदोलन में भागीदारी की अपील की गई। उन्होंने कहा, “अन्याय के खिलाफ हम खामोश नहीं रहेंगे। संविधान और बराबरी की लड़ाई हम जारी रखेंगे।”